प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर तीन स्तरीय बैरिकेडिंग की गई थी। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड्स पार करते हुए आगे बढ़े और कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गए।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर तीन स्तरीय बैरिकेडिंग की गई थी। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड्स पार करते हुए आगे बढ़े और कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गए।
कलेक्टर चेंबर के बाहर चैनल गेट पर कर्मचारियों ने ताला लगा दिया था। जिस पर कांग्रेसियों ने उस चैनल गेट को भी धक्का मार मार के तोड़ दिया। पुलिस के पुख्ता इंतजाम के बाद भी कांग्रेसी कलेक्टर के चेंबर तक पहुंच गए।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
कांग्रेस के नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कलेक्टर कार्यालय का घेराव किया। कलेक्टर को बुलाने मांग पर कांग्रेसी करीब एक घंटे धरने पर बैठे।
देवेंद्र सिंह यादव ने बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशन एवं जिला कांग्रेस नेतृत्व के मार्गदर्शन में किसानों के समर्थन में यह आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश की भाजपा सरकार किसान विरोधी नीतियां अपना रही है।
शिक्षकों का कहना है कि पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच नए सिरे से तैयारी करना व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। यह निर्णय शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने वाला है।
सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों-शिक्षिकाओं ने रैली निकाल कर किया विरोध प्रदर्शन। शिक्षकों ने शासन से मांग की है कि TET परीक्षा को अनिवार्य करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए।
संघ के नेताओं का कहना था कि गेहूं खरीदी में लगातार देरी हो रही है, जबकि कई किसानों के पास अनाज रखने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है और फसल खुले में पड़ी हुई है। आंधी-बारिश के चलते नुकसान हो रहा है।
आरोप है कि आशा कार्यकर्ताओं को वर्ष 2021 से TBI (टीबी प्रोत्साहन राशि) का भुगतान नहीं किया गया है। लगभग 700 रुपये प्रति माह की दर से यह बकाया पिछले 5 वर्षों से अटका हुआ है।
लंबित मानदेय और एरियर की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में आशा और ऊषा कार्यकर्ताओं ने जमकर की नारेबाजी। मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन