पन्ना जिले में आज आशा वर्कर और आशा सहयोगिनी कार्यकर्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है। म.प्र. आशा और आशा सहयोगिनी श्रमिक संघ के बैनर तले सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर का घेराव किया और जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारी महिलाओं का गुस्सा इतना बढ़ गया कि वे कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर ही अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गईं।
संघ का आरोप है कि जिले भर में आशा कार्यकर्ताओं को वर्ष 2021 से TBI (टीबी प्रोत्साहन राशि) का भुगतान नहीं किया गया है। लगभग 700 रुपये प्रति माह की दर से यह बकाया पिछले 5 वर्षों से अटका हुआ है। इसके अलावा, कार्यकर्ताओं ने प्रशिक्षण केंद्रों की बदहाली, आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए मोबाइल फोन न मिलने और ‘आशा कल्याणकारी योजना’ के तहत पढ़ाई के भुगतान में हो रही देरी पर कड़ा ऐतराज जताया है।
महिला कार्यकर्ताओं का कहना है कि सरकारी अवकाश और महिला दिवस पर भी उनसे काम लिया जाता है, लेकिन बदले में उन्हें उचित सम्मान और पारिश्रमिक नहीं मिल रहा। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी है कि जब तक उनकी जायज मांगों का निराकरण नहीं होता, वे अपना धरना खत्म नहीं करेंगी।