मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली से अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दोपहर को छिंदवाड़ा पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव नई दिल्ली से अपने सभी कार्यक्रम स्थगित कर दोपहर को छिंदवाड़ा पहुंचेंगे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रिमोट का बटन दबाकर जामसांवली के श्री हनुमान लोक का किया रामार्पण।
इस दौरान विधायक ने 27 मार्च को आयोजित होने वाली शोभायात्रा को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन केवल एक धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि हमारी सनातन संस्कृति, परंपरा और एकता का प्रतीक है।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उज्जैन में सिंहस्थ-2028 की तैयारियों को दृष्टिगत रखते हुए निर्मित हो रहे स्नान-घाटों का अवलोकन भी किया।
मध्यप्रदेश में 5वीं और 8वीं के छात्रों का परिणाम घोषित कर दिया गया है। बड़वानी में बेटों की तुलना में बेटियों ने परीक्षा परिणाम में बेहतर प्रदर्शन किया है।
पशुपालन एवं डेयरी राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार लखन पटेल ने लोकभवन पहुंचकर राज्यपाल श्री पटेल से भेंट कर कार्यक्रम का आमंत्रंण दिया।
राज्यपाल श्री पटेल ने कहा कि पत्रकारिता की असली पहचान, उसकी सच्चाई खोजने की क्षमता में ही है। भले ही सच की राह कठिन हो, पर भरोसा सत्य से ही मिलता है।
मंत्री निर्मला भूरिया ने कहा कि डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश लगातार विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। सरकार विशेष रूप से महिलाओं के उत्थान और सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।
प्रदेशभर से आए जनप्रतिनिधियों, भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं।
सबसे चिंताजनक स्थिति आपातकालीन सेवाओं की है। एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को नेपानगर या बुरहानपुर से वाहन आने का इंतजार करना पड़ता है, जिससे कई बार उनकी जान पर बन आती है।
इस वर्ष विभाग ने परीक्षा परिणाम घोषित होने से एक माह पूर्व (22 जनवरी) ही पंजीकरण शुरू कर दिया। तकनीकी रूप से कोई भी छात्र बिना अपने प्राप्तांक जाने स्कूलों का सही चयन नहीं कर सकता। विभाग द्वारा 'परिणाम' से पहले 'काउंसलिंग' अनिवार्य करना पूरी तरह दोषपूर्ण है।
इस दौरान मंत्री दंपति ने देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि, खुशहाली और शांति के लिए माँ से प्रार्थना की और आशीर्वाद लिया।
मान्यता है कि नवरात्रि की नवमी तिथि पर कुछ क्षणों के लिए माता की गर्दन सीधी होती है, जिसे देखना बेहद दुर्लभ माना जाता है।
कुछ लोगों का मानना है कि अवस्थी ने यह विदाई इसलिए चुनी ताकि वे यादगार बन सकें। वहीं कुछ लोग इसे दिखावा मान रहे हैं।
मंत्री शुक्ला ने “टीबी मुक्त भारत” के लिए 100 दिवसीय विशेष अभियान का शुभारंभ किया। श्री शुक्ला ने बताया कि देश को 2030 तक टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य रखा गया है।