भोपालः मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतेंद्र (जीतू) पटवारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर गेंहूं के उपार्जन में भारी संकट सहित केंद्र व राज्य के समन्वय के अभाव में समर्थन मूल्य में धोखाधड़ी होने की शिकायत की है। उन्होंने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा कि मैं यह पत्र मध्य प्रदेश के लाखों अन्नदाताओं की गहरी पीड़ा और आक्रोश को आप तक पहुँचाने के लिए लिख रहा हूँ, जो आपकी ‘डबल इंजन’ सरकार की आपसी खींचतान और कुप्रबंधन के कारण खून के आंसू रोने को मजबूर हैं।

श्री पटवारी ने पत्र में लिखा कि मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष के तहत गेहूं की सरकारी खरीद का ढिंढोरा तो पीटा जा रहा है और लाखों मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का भारी-भरकम लक्ष्य भी तय कर दिया गया है! लेकिन, जमीनी हकीकत यह है कि किसानों की गाढ़ी कमाई का गेहूं भरने के लिए राज्य सरकार के पास ‘बारदाने’ (बोरे) ही नहीं हैं। किसान अपनी फसल लेकर मंडियों में खुले आसमान के नीचे बैठा है और प्रशासन व्यवस्था का रोना रो रहा है।
उन्होंने बताया कि यह स्थिति तब है, जब देश के वर्तमान कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। यह कितनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि देश के कृषि मंत्री के अपने ही गृह राज्य में किसान एक अदद बोरे के लिए तरस रहे हैं! संसद में “जनसंपर्क अधिकारी” की तरह केंद्र सरकार की झूठी प्रशंसा कर राष्ट्रीय आलोचना का केंद्र बने केंद्रीय कृषि मंत्री अपने मूल दायित्व को भूल चुके हैं! उधर, मध्य प्रदेश की जनता भी समझ रही है कि मध्य प्रदेश के वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी और केंद्रीय कृषि मंत्री जी के बीच चल रही कथित राजनीतिक अदावत और वर्चस्व की लड़ाई की कीमत किसानों को चुकानी पड़ रही है। इस अंतर्कलह के कारण ही राज्य सत्ता केंद्र सरकार पर किसानों के हक के लिए कोई दबाव ही नहीं बना पा रही है!
मध्य प्रदेश के किसानों के साथ यह कोई पहला छलावा नहीं है! बीते विधानसभा चुनावों के दौरान आपकी पार्टी ने किसानों से 2700 रुपये प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने का लोकलुभावन वादा किया था। सत्ता में आते ही उस वादे को भुलाकर किसानों के साथ जो धोखाधड़ी की गई है, वह किसी से छिपी नहीं है। पहले समर्थन मूल्य के नाम पर ठगा गया और अब जो मूल्य तय है, उस पर भी उपज खरीदने के लिए सरकार के पास बारदाने उपलब्ध नहीं हैं! यह स्थिति शर्मनाक है और किसानों के धैर्य की परीक्षा लेने वाली है। कांग्रेस किसानों के इस अपमान को मूकदर्शक बनकर नहीं देख सकती।
जीतू पटवारी ने प्रधानमंत्री से आग्रह किया है कि केंद्र और राज्य सरकार में समन्वय और मध्य प्रदेश की मंडियों में गेहूं के लिए बारदाने का पर्याप्त प्रबंध शीघ्र करवाएं! अन्यथा किसानों की अनदेखी करने वाली भाजपा को ‘सद्बुद्धि’ देने के लिए, वे स्वयं केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के भोपाल स्थित निवास के समक्ष उपवास पर बैठेंगे।