अन्नदाता अब प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि जल्द से जल्द सर्वर की समस्या का समाधान किया जाए, ताकि उनकी फसल की तुलाई सुचारू रूप से हो सके और उन्हें रसीद मिल सके।
अन्नदाता अब प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं कि जल्द से जल्द सर्वर की समस्या का समाधान किया जाए, ताकि उनकी फसल की तुलाई सुचारू रूप से हो सके और उन्हें रसीद मिल सके।
बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं और पैकेट का आकार घटाकर “कम मात्रा, अधिक कीमत” का मॉडल अपना रही हैं, जिससे आम उपभोक्ता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
यह कितनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि देश के कृषि मंत्री के अपने ही गृह राज्य में किसान एक अदद बोरे के लिए तरस रहे हैं! संसद में "जनसंपर्क अधिकारी" की तरह केंद्र सरकार की झूठी प्रशंसा कर राष्ट्रीय आलोचना का केंद्र बने केंद्रीय कृषि मंत्री अपने मूल दायित्व को भूल चुके हैं!