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खाद्य पदार्थों में मिलावट से जनता का स्वास्थ्य खतरे में, सरकार की लापरवाही उजागर- जीतू पटवारी

जीतेंद्र (जीतू) पटवारी ने कहा है कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि आम जनता द्वारा रोजाना उपयोग में लाए जाने वाले दूध, मावा, पनीर और घी जैसे डेयरी उत्पाद ही सबसे अधिक मिलावटी पाए जा रहे हैं। यह स्थिति सीधे-सीधे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।

By: Naredra 
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खाद्य पदार्थों में मिलावट से जनता का स्वास्थ्य खतरे में, सरकार की लापरवाही उजागर- जीतू पटवारी

भोपालः मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र (जीतू) पटवारी ने प्रदेश में खाद्य पदार्थों में तेजी से बढ़ रही मिलावट को लेकर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इसे आम जनता के स्वास्थ्य पर मंडराता गंभीर संकट बताया है।

खाद्य पदार्थों में मिलावट बेहद चिंताजनक- जीतू पटवारी

श्री पटवारी ने कहा कि यह अब कोई सामान्य शिकायत नहीं रह गई है, बल्कि लाखों लोगों के जीवन से जुड़ा बड़ा मुद्दा बन चुका है। हाल ही में फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की रिपोर्ट में 2000 से अधिक फूड सैंपल फेल पाए जाना बेहद चिंताजनक है। विशेष रूप से ग्वालियर से सामने आए लगभग 420 मामलों ने सरकार की कार्यप्रणाली और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह केवल ग्वालियर तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में इस तरह के मामले पाए जा रहे हैं।

सरकार मिलावटखोरों पर कार्रवाई करने में नाकाम

उन्होंने कहा कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि आम जनता द्वारा रोजाना उपयोग में लाए जाने वाले दूध, मावा, पनीर और घी जैसे डेयरी उत्पाद ही सबसे अधिक मिलावटी पाए जा रहे हैं। यह स्थिति सीधे-सीधे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।नश्री पटवारी ने कहा कि इस प्रकार की मिलावट केवल फूड पॉइजनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे डायबिटीज, हृदय रोग और हार्मोनल असंतुलन जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है. उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मिलावटखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने में सरकार पूरी तरह विफल रही है। प्रशासन की ढिलाई और राजनीतिक संरक्षण के कारण ऐसे अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहे हैं।

सरकार से सीधे सवाल:

  • आखिर मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
  • खाद्य पदार्थों की नियमित जांच और निगरानी में इतनी लापरवाही क्यों?
  • जनता के स्वास्थ्य के साथ हो रहे इस खिलवाड़ पर सरकार मौन क्यों है?

कांग्रेस की प्रमुख मांगें:

  1. मिलावटखोरों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
  2. खाद्य पदार्थों की नियमित, पारदर्शी और व्यापक जांच की व्यवस्था की जाए।
  3. दोषियों को सख्त सजा देकर कड़ा उदाहरण प्रस्तुत किया जाए।
  4. आम जनता को सुरक्षित और शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना सरकार सुनिश्चित करे।

अंत में श्री पटवारी ने कहा कि यदि सरकार इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा कि जनता के स्वास्थ्य से समझौता किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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