इसका असर यह हुआ है कि वर्ष 2025-26 की धान का केवल लगभग 5 प्रतिशत ही मिलिंग हो पाई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक 60 प्रतिशत मिलिंग हो चुकी थी।
इसका असर यह हुआ है कि वर्ष 2025-26 की धान का केवल लगभग 5 प्रतिशत ही मिलिंग हो पाई है, जबकि पिछले साल इसी समय तक 60 प्रतिशत मिलिंग हो चुकी थी।
दिग्विजय सिंह से मुलाकात पर जीतू पटवारी ने कहा कि वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं से लगातार मार्गदर्शन लेते रहते हैं। राज्यसभा, संगठन और अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई है।
समर्थन मूल्य पर खरीद में 20 दिन की देरी बनी किसानों के लिए काल, समय पर भुगतान न मिलने से संकट गहराया। प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष ने सीएम को पत्र लिख फसल ऋण चुकाने की समय-सीमा तत्काल बढ़ाने और दंडात्मक ब्याज माफ करने की मांग की।
नेता प्रतिपक्ष उमर सिंघार ने कहा कि UCC में अगर दलित और आदिवासियों के अधिकारों की अनदेखी कर उन्हें एक समान ढांचे में जबरन समाहित किया गया तो ये उनके साथ अन्याय होगा, इसकी लड़ाई लड़ी जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उम्मीद करेंगे कि इन सभी के माध्यम से किसानों की आय बढ़े, हमारी फसलों का सही उत्पादन मिले, कम पानी में बेहतर फसल हो, बिजली, पानी, खाद सबके अंदर समेकित रूप से फसल से जितनी आमदानी बढ़े इस पर सरकार काम कर रही है।
मुकेश नायक ने यह भी दावा किया कि मध्य प्रदेश की 60% महिलाएं योजनाओं के लाभ से वंचित हैं और 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को लाड़ली बहन योजना का लाभ नहीं मिल रहा।
अजय सिंह ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि गेंहूं खरीदी को टालना घाव पर नमक छिड़कने जैसा। किसान डिफाल्टर होने की कगार पर। किसानों को एक एक दाने का समर्थन मूल्य मिले।
नरोत्तम मिश्रा पर पेड न्यूज का मामला इसी विधानसभा का है। अब तक कोई निर्णय नहीं किया निर्मला सप्रे पर विधानसभा ने कोई निर्णय नहीं लिया। बीजेपी अलोकतांत्रिक का कैंसर बन गई है।
जीतेंद्र (जीतू) पटवारी ने कहा है कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि आम जनता द्वारा रोजाना उपयोग में लाए जाने वाले दूध, मावा, पनीर और घी जैसे डेयरी उत्पाद ही सबसे अधिक मिलावटी पाए जा रहे हैं। यह स्थिति सीधे-सीधे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठियों को जिस ढंग से बढ़ावा दिया गया और हिंदुओं को अपमानित किया गया आज वह सारा हिसाब चुकता करने का मौका है।
कमलनाथ ने कहा कि देश में गैस पर्याप्त मात्रा में है लेकिन माहौल ऐसा बनाया जा रहा कि लोग परेशान हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह सरकार गैस के वितरण में पूरी तरह से फेल है।
राठौर ने कहा कि आज किसानों की फसल तैयार है, लेकिन उन्हें वारदाना नहीं मिल पा रहा, जिससे किसान खुद को ठगा और छला हुआ महसूस कर रहे हैं।
स्कूल में शिक्षकों की समय पर उपस्थिति नहीं रहने से असामाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। प्रिंसिपल को कई बार शिकायत किए जाने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
प्रदर्शनकारियों ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और बाजार में इसकी अपर्याप्त उपलब्धता को सरकार की बड़ी विफलता करार दिया।
सम्मेलन के दौरान ‘लोकतंत्र में युवा भूमिका’ और ‘विकसित भारत @2047’ विषयों पर चर्चा होगी। युवा विधायक अपने-अपने क्षेत्रों की सफलता की कहानियां साझा करेंगे और आने वाली चुनौतियों पर बातचीत करेंगे।