भोपालः मध्यप्रदेश विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने आज भोपाल में UCC पर स्पष्टता और गेहूं खरीदी में देरी को लेकर सरकार निशाना साधा।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि मैं समान नागरिक संहिता (UCC) को लेकर मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार से स्पष्ट जवाब चाहता हूं, क्या इसमें दलित और आदिवासियों को रखेंगे या नहीं? क्या इसमें दलित और आदिवासी समुदायों के अधिकार, परंपराएं और रीति-रिवाजों को सुरक्षित रखा जाएगा या नहीं? उन्होंने कहा कि यदि उनकी पहचान और अधिकारों की अनदेखी कर उन्हें एक समान ढांचे में जबरन समाहित किया गया, तो यह दलितों और मध्यप्रदेश के आदिवासियों के साथ अन्याय होगा। काँग्रेस पार्टी इस अन्याय के खिलाफ मजबूती से आवाज उठाएगी।
वहीं गेहूं खरीदी पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गेहूं खरीदी में देरी ने मध्यप्रदेश के किसानों को गंभीर संकट में डाल दिया है। छोटे किसान, जिनके पास भंडारण की सुविधा नहीं है, एक महीने की देरी के कारण मजबूरी में अपना अनाज औने-पौने दाम पर बेचने को विवश हुए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों का लाभ किसानों तक पहुंचने के बजाय बिचौलियों और एजेंटों को मिल रहा है। ₹400 प्रति क्विंटल का लाभ किसानों के बजाय दलालों की जेब में जा रहा है यह सीधे तौर पर कमीशनखोरी का मामला है।
उमंग सिंघार ने सवाल उठाते हुए कहा कि बड़े किसानों पर भी अनावश्यक प्रतिबंध लगाकर खरीदी सीमित की जा रही है, जिससे स्पष्ट है कि सरकार की कथनी और करनी में बड़ा अंतर है।