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भीषण गर्मी में प्यासे आवेदक, मोहखेड़ तहसील कार्यालय की बदहाल व्यवस्था उजागर

भीषण गर्मी में प्यासे आवेदक, मोहखेड़ तहसील कार्यालय की बदहाल व्यवस्था उजागर

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कम से कम गर्मी के इस मौसम में पेयजल की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए थी, लेकिन यहां बुनियादी सुविधाओं का भी अभाव देखने को मिल रहा है।

मृतकों के नाम बीमा, करोड़ों का खेल: उज्जैन में 8 करोड़ का संगठित घोटाला उजागर

मृतकों के नाम बीमा, करोड़ों का खेल: उज्जैन में 8 करोड़ का संगठित घोटाला उजागर

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले से गंभीर रूप से बीमार या मृत व्यक्तियों के नाम पर बीमा पॉलिसियां जारी करवाईं। इसके बाद फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कर बीमा क्लेम लगाया गया। कुछ मामलों में तो मृत लोगों को जीवित दिखाकर ही पॉलिसी ली गई।

जबलपुर पहुंची भिंड की सांसद संध्या राय, कहा- कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता हुई उजागर

जबलपुर पहुंची भिंड की सांसद संध्या राय, कहा- कांग्रेस की महिला विरोधी मानसिकता हुई उजागर

कांग्रेस, डीएमके, टीएमसी, समाजवादी पार्टी और इंडि गठबंधन ने 33% महिला आरक्षण का ऐतिहासिक अवसर बाधित किया।

मादक पदार्थ के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश

मादक पदार्थ के खिलाफ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश

उड़ीसा से गांजा लाकर मध्यप्रदेश, गुजरात सहित अन्य राज्यों में सप्लाई करते थे। इस नेटवर्क के माध्यम से बड़े स्तर पर मादक पदार्थों की तस्करी की जा रही थी।

खाद्य पदार्थों में मिलावट से जनता का स्वास्थ्य खतरे में, सरकार की लापरवाही उजागर- जीतू पटवारी

खाद्य पदार्थों में मिलावट से जनता का स्वास्थ्य खतरे में, सरकार की लापरवाही उजागर- जीतू पटवारी

जीतेंद्र (जीतू) पटवारी ने कहा है कि सबसे चिंताजनक तथ्य यह है कि आम जनता द्वारा रोजाना उपयोग में लाए जाने वाले दूध, मावा, पनीर और घी जैसे डेयरी उत्पाद ही सबसे अधिक मिलावटी पाए जा रहे हैं। यह स्थिति सीधे-सीधे लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ है।

सांवलीगढ़ में ‘हरे सोने’ की लूट! सैकड़ों सागौन के पेड़ कटे, नाकेदार को बचाने में पूरा वन महकमा बेनकाब

सांवलीगढ़ में ‘हरे सोने’ की लूट! सैकड़ों सागौन के पेड़ कटे, नाकेदार को बचाने में पूरा वन महकमा बेनकाब

जंगल में जहां बड़े पैमाने पर ताजा कटान के सबूत मौजूद थे, वहां जाने के बजाय टीम ने एक झोपड़ी के पास बैठकर ही पंचनामा तैयार कर लिया। इस दौरान नाकेदार के करीबी लोगों को बुलाकर दस्तखत करवाए गए, जबकि ग्रामीणों और वन सुरक्षा समिति के अध्यक्ष को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया।