चौकी खितौली थाना बरही पुलिस के अनुसार अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
चौकी खितौली थाना बरही पुलिस के अनुसार अवैध खनन एवं अवैध परिवहन के विरुद्ध आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी
पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों चालकों से बोरिंग की अनुमति संबंधी दस्तावेज मांगे गए, लेकिन उनके द्वारा कोई वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की गई।
कई रेलवे स्टेशनों पर कोयले की चोरी कर उसका अवैध भंडारण और व्यापार किया जा रहा है। यह पूरा नेटवर्क अब संगठित रूप लेता नजर आ रहा है।
एसडीएम ने कहा- पुलिस बल के साथ कार्रवाई जारी रहेगी, विधायक में व्यापारियों को मध्यस्थता का आश्वासन दिया।
ग्राम निधिपुरी, तहसील मड़वास स्थित गोपद नदी घाट से रेत का अवैध परिवहन करते हुए बिना नंबर के ट्रैक्टर को जब्त कर थाना मड़वास की अभिरक्षा में सौंपा गया। वहीं कोयले के अवैध परिवहन में संलिप्त दो वाहनों को जब्त किया गया।
पुलिस ने जब संदिग्धों से कड़ाई से पूछताछ की और कॉल डिटेल्स खंगाली, तो पता चला कि दिलीप आखिरी बार अजीत और कैलाश के साथ देखा गया था। आरोपियों ने सख्ती बरतने पर अपना जुर्म कबूल कर लिया।
प्रशासन ने भूमि देने का किया था वादा, लेकिन कुछ लोगों को घर बनाने के लिए नहीं मिली जमीन। बेघर हुए लोग सड़क पर रहने को मजबूर
सीएम डॉ. यादव ने कहा कि घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन, SDERF और NDRF की टीम द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया था, लेकिन दुर्भाग्यवश बालक को नहीं बचाया जा सका। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिवार के साथ हैं।
दो युवक अपनी बाइक पर सवार होकर इतनी तेज रफ्तार में आए कि उन्हें सामने की घेराबंदी और गड्ढा दिखाई ही नहीं दिया। बाइक सीधे डिवाइडर से टकराई और हवा में उछलते हुए एक युवक सीधे गहरे गड्ढे के अंदर जा गिरा, जबकि दूसरा युवक सड़क के किनारे जा गिरा।
बीती रात को करीब 8 बजे बोरवेल में गिर गया था मासूम, जो बोरवैल के करीब 70 फिट की गहराई में पानी के बीच फंसा रहा। मासूम को निकालने के लिए दो अलग-अलग रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए।
खास बात यह है कि गोबर की खाद और प्राकृतिक तरीकों को अपनाकर इन्होंने लागत कम की और फसल की गुणवत्ता बढ़ाई। इससे आसपास के कई किसान भी इस मॉडल को अपनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
इस लापरवाही पर मंत्री जी नाराज हो गए और उन्होंने तुरंत ग्वालियर कमिश्नर संघ प्रिय को फोन लगाया। फोन पर मंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि नगर निगम के कर्मचारी अब “नालायक” हो गए हैं।