सिंहस्थ में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती को देखते हुए अब “ट्रेनिंग फॉर ट्रेनर्स” मॉडल पर काम शुरू कर दिया गया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों और यूनिट्स से अलग-अलग रैंक के पुलिस अधिकारियों को उज्जैन बुलाकर 21 दिन की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।
सिंहस्थ में बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती को देखते हुए अब “ट्रेनिंग फॉर ट्रेनर्स” मॉडल पर काम शुरू कर दिया गया है। प्रदेश के विभिन्न जिलों और यूनिट्स से अलग-अलग रैंक के पुलिस अधिकारियों को उज्जैन बुलाकर 21 दिन की विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है।
राज्यपाल ने पांचवें "समर्थ भारत कॉन्क्लेव" का किया शुभारंभ। उन्होंने कहा कि डिजिटल एवं तकनीकी कौशल, नीतिगत सहयोग और सतत विकास के संतुलित मॉडल पर विचार जरूरी है।
गुजरी के डेहरीयां में दहला देने वाली घटना धार में तेंदुए का तांडव, एक महिला सहित चार घायल। तेंदुए के हमले से दहशत ग्रामीणों में डर, घरों में कैद लोग।
मुकेश नायक ने कहा कि अगर आजादी के 70-80 साल बाद देश का यह हाल है कि दलित समाज का बच्चा घोड़े पर बैठकर किसी के सामने से नहीं निकल सकता है। तो आज हम कितना आगे बढ़े हैं इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है।
भक्तों ने भगवान की भक्ति में लीन होकर मंगलाचरण, भजन एवं धार्मिक अनुष्ठानों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
परांजपे ने कहा कि जहां तक परिसीमन की बात है, यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है। इसे पहले इंदिरा गांधी के समय 1976 में स्थगित किया गया था, जिसकी अवधि 2026 में समाप्त हो रही है।
मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सरकार का फोकस किसानों की आय बढ़ाने, शिक्षा को मजबूत करने और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर है।
कुणाल चौधरी ने शिवराज सिंह चौहान और नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसान कर्ज में डूबा है और सरकार केवल आयोजन कर रही है।
मंदिर में यह दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ जब श्रद्धालु स्वप्नेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन हेतु जा रहे थे, मुख्य द्वार को पार कर अंदर गर्भगृह में जाने के दौरान फर्श पर चिकनाहट होने से फिसलकर गिर गए। गिरने से हाथ बुरी तरह टूट गया।
हैरानी की बात यह रही कि पुलिस रात करीब 2:30 बजे दूल्हा, दुल्हन और दुल्हन के भाई को अपने साथ ले गई, जिसके कारण वैवाहिक रस्में बीच में ही रुक गईं। मंगलवार सुबह 4:00 बजे उन्हें छोड़ा गया, जिसके बाद शादी संपन्न हो सकी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विश्व पृथ्वी दिवस पर प्रदेशवासियों से की अपील हम सब प्रकृति अनुकूल जीवनशैली, संसाधनों के संयमित उपयोग और अधिकाधिक पौधरोपण का संकल्प लें।
डेढ़ घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची फायर ब्रिगेड, बाल्टी, लाठी और डंडों से आग बुझाने में जुटे रहे ग्रामीण।
उनकी प्रमुख मांग है कि नए बोर उत्खनन हो, गांवों में जलस्तर नीचे जाने के कारण पुराने स्रोत सूख चुके हैं, इसलिए नए बोर कराने की मांग की गई।