भोपालः मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में हुई बैठक में “किसान कल्याण वर्ष” के तहत बड़ा फैसला लिया गया। सरकार ने मुआवजे के लिए फैक्टर-2 लागू करने की मंजूरी दी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को अब चार गुना तक मुआवजा मिल सकेगा।
लोक स्वास्थ्य राज्यमंत्री नरेन्द्र शिवाजी पटेल ने मंत्रालय में मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णयों की मीडिया को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में सिंचाई क्षमता बढ़ाने के लिए 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं करीब 33 हजार करोड़ रुपये के निर्माण कार्यों को मंजूरी दी गई है।
उज्जैन क्षेत्र की 157 करोड़ की सिंचाई परियोजना से 35 गांवों को लाभ मिलेगा, जबकि केन-बेतवा परियोजना के तहत छिंदवाड़ा में भी सिंचाई योजनाओं को हरी झंडी दी गई है। ग्रामीण सड़कों के लिए 6150 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं।
शिक्षा के क्षेत्र में कक्षा 6वीं और 9वीं के छात्रों को निशुल्क साइकिल वितरण के लिए 990 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के विकास पर 1200 करोड़ खर्च होंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के तहत “सीएम केयर योजना 2026” को जारी रखते हुए अगले 5 वर्षों में 3628 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब और ऑर्गन ट्रांसप्लांट जैसी सुविधाओं के लिए करीब 2000 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
मंत्री नरेंद्र शिवाजी पटेल ने कहा कि सरकार का फोकस किसानों की आय बढ़ाने, शिक्षा को मजबूत करने और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार पर है।
कुल मिलाकर, कैबिनेट के ये फैसले राज्य में ग्रामीण विकास, किसानों की आय और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में अहम माने जा रहे हैं।
भोपाल से संवाददाता सुनील मालवीय की रिपोर्ट