भोपालः मध्य प्रदेश भोपाल नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर देश की राजनीति गरमाई हुई है। पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष अश्विनी परांजपे ने मीडिया से बातचीत में नारी शक्ति वंदन विधेयक को लेकर कहा कि कांग्रेस ने पहले विरोध किया और अब जन आक्रोश देखकर शायद उन्हें घबराहट हो रही है। इसलिए अब समर्थन की बात की जा रही है। अगर वास्तव में उनकी सोच बदली है, तो यह अच्छी बात है, वे अपने सुझाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष रख सकते हैं।
पत्रकारों ने सवाल किया कि कांग्रेस का कहना है कि वे लोगों को जागरूक करेंगे और बीजेपी पर भ्रामक प्रचार का आरोप लगा रहे हैं। साथ ही वे मौजूदा सीटों पर ही आरक्षण लागू करने की बात कर रहे हैं? इसका जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि मौजूदा सीटों पर आरक्षण एक अलग विषय है। लेकिन जहां तक परिसीमन की बात है, यह एक संवैधानिक प्रक्रिया है। इसे पहले इंदिरा गांधी के समय 1976 में स्थगित किया गया था, जिसकी अवधि 2026 में समाप्त हो रही है।
ऐसे में परिसीमन होना प्रक्रिया का हिस्सा है। लेकिन नारी शक्ति वंदन विधेयक जैसे महत्वपूर्ण विषय पर सभी को एकजुट होकर समर्थन करना चाहिए था। इस पर गंभीर अध्ययन और विचार-विमर्श की जरूरत है। राहुल गांधी की यात्रा के सवाल पर उन्होंने कहा कि राहुल जी ने कई यात्राएं की हैं, सनातन संस्कृति की बात भी की है। लेकिन उसी संस्कृति में कहा गया है—“यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते, रमन्ते तत्र देवता।”आज जब नारी शक्ति वंदन विधेयक का विरोध किया गया, तो यह सवाल उठता है कि क्या यह वास्तव में महिलाओं का सम्मान है?
भोपाल से संवाददाता सुनील मालवीय की रिपोर्ट