उज्जैनः विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और मेडिकल सुविधाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। बेंगलुरु से आए एक श्रद्धालु के साथ मंदिर परिसर में फिसलने का हादसा हो गया, जिसमें उनका हाथ फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद तत्काल मेडिकल मदद और एंबुलेंस न मिलने के आरोप लगे हैं।

मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में यह दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ जब श्रद्धालु स्वप्नेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन हेतु जा रहे थे, मुख्य द्वार को पार कर अंदर गर्भगृह में जाने के दौरान फर्श पर चिकनाहट होने से फिसलकर गिर गए। गिरने से हाथ बुरी तरह टूट गया।
घायल श्रद्धालु के अनुसार, घटना के तुरंत बाद मौके पर कोई मेडिकल सुविधा केंद्र पर गए जहां मौजूद मेडिकल स्टाफ ने पर्याप्त मेडिकल सुविधा ना होने का बोलकर एम्बुलेंस को बुलवाने की बात कही। मौके पर मीडियाकर्मियों के आने पर आनन फानन में एंबुलेंस को बुलाया गया। जिसमें 40 से 50 मिनट लगे बाद में जैसे तैसे उन्हें निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने हाथ में स्टील रॉड डालने की सर्जरी की सलाह दी है।
श्रद्धालु ने मंदिर परिसर की फिसलन भरी टाइल्स को हादसे की मुख्य वजह बताया इस फिसलन वाली फर्श से भविष्य में और भी बड़ी घटना हो सकती है। मंदिर प्रशासन से तत्काल बेहतर मेडिकल सुविधा, अनुभवी डॉक्टर और एंबुलेंस की व्यवस्था करने की मांग की है। दर्शन करते समय पैर फिसल गया और हाथ टूट गया। मौके पर कोई डॉक्टर या मेडिकल मदद नहीं थी। एंबुलेंस भी आधा घंटा बाद आई। महाकाल मंदिर में इतनी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आते हैं, फिर भी मेडिकल व्यवस्था इतनी खराब है, यह बहुत दुखद है।
वहीं श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति प्रशासक प्रथम कौशिक और सहायक प्रशासक आशीष फलवाडिया से बात करनी चाही, जिस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
उज्जैन से संवाददाता प्रियंक की रिपोर्ट