नई व्यवस्था के तहत भक्त साल के 365 दिन में किसी भी तारीख को पहले से बुक कर सकेंगे। चाहे जन्मदिन हो, शादी की सालगिरह, पुण्यतिथि या कोई विशेष अवसर। श्रद्धालु उस दिन के लिए भोजन प्रसादी का दान कर पाएंगे।
नई व्यवस्था के तहत भक्त साल के 365 दिन में किसी भी तारीख को पहले से बुक कर सकेंगे। चाहे जन्मदिन हो, शादी की सालगिरह, पुण्यतिथि या कोई विशेष अवसर। श्रद्धालु उस दिन के लिए भोजन प्रसादी का दान कर पाएंगे।
संभाग आयुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विजिटर फैसिलिटी सेंटर, निशुल्क अन्नक्षेत्र, हरसिद्धि रोड, नृसिंह घाट रोड और रामघाट क्षेत्र सहित कई प्रमुख स्थानों का दौरा किया गया।
मंदिर में यह दर्दनाक हादसा उस वक्त हुआ जब श्रद्धालु स्वप्नेश्वर महादेव मंदिर के दर्शन हेतु जा रहे थे, मुख्य द्वार को पार कर अंदर गर्भगृह में जाने के दौरान फर्श पर चिकनाहट होने से फिसलकर गिर गए। गिरने से हाथ बुरी तरह टूट गया।
इस समय नर्मदा तट का घाट पूरी तरह से खुल जाता था जहाँ एक ओर नर्मदा नदी का जल स्तर कम होने पर परिसर में लोग यहां आकर पूजा दर्शन करते थे लेकिन अभी बीते एक सफ्ताह से चार मीटर जल स्तर बढ़ गया है।
यात्रा शुरू होने से पहले ही कई श्रद्धालु पहले पड़ाव पिंग्लेश्वर तक पहुंच चुके हैं। लगभग 118 किलोमीटर की यह पैदल यात्रा पांच दिनों में पूरी होती है।
मान्यता है कि नवरात्रि की नवमी तिथि पर कुछ क्षणों के लिए माता की गर्दन सीधी होती है, जिसे देखना बेहद दुर्लभ माना जाता है।