भोपाल से करीब 20 किलोमीटर दूर ग्रामीण क्षेत्र गुदावल में स्थित कंकाली माता मंदिर श्रद्धालुओं की गहरी आस्था का केंद्र बना हुआ है। बताया जाता है कि इस मंदिर में माता की मूर्ति की स्थापना वर्ष 1731 में मीणा परिवार द्वारा की गई थी।
खास बात यह है कि माता की प्रतिमा सोच मुद्रा में है, जिसकी वजह से उनकी गर्दन टेढ़ी दिखाई देती है। मान्यता है कि नवरात्रि की नवमी तिथि पर कुछ क्षणों के लिए माता की गर्दन सीधी होती है, जिसे देखना बेहद दुर्लभ माना जाता है।
मंदिर ट्रस्ट के सहयोग से यहां निर्माण कार्य भी जारी है और हर साल शारदीय व चैत्र नवरात्रि में बड़ी संख्या में भक्त यहां पहुंचते हैं। कहा जाता है कि कंकाली माता विशेष रूप से निःसंतान महिलाओं को संतान का आशीर्वाद देती हैं। नवरात्रि के दौरान यहां भव्य मेले का भी आयोजन होता है।