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छोटा तालाब क्षेत्र को लेकर वन विभाग और नगरवासियों में विवाद, एसडीएम को सौंपा गया आवेदन

शिवपुरी जिले की नरवर तहसील में छोटा तालाब क्षेत्र को लेकर वन विभाग और नगरवासियों के बीच विवाद सामने आया है। स्थानीय लोगों ने एसडीएम करैरा को आवेदन देकर वन विभाग पर राजस्व भूमि और सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण के प्रयास का आरोप लगाया है। नगरवासियों का कहना है कि प्रस्तावित बाउंड्री वॉल और गेट निर्माण से छोटा तालाब तक आवागमन प्रभावित होगा। साथ ही कब्रिस्तान भूमि को वन सीमा में शामिल करने के प्रयास पर भी नाराजगी जताई गई है। प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप की मांग की गई है।

By: Nivedita 
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छोटा तालाब क्षेत्र को लेकर वन विभाग और नगरवासियों में विवाद, एसडीएम को सौंपा गया आवेदन

शिवपुरी जिले की नरवर तहसील में छोटा तालाब क्षेत्र को लेकर वन विभाग और नगरवासियों के बीच विवाद गहराता जा रहा है। सर्व समाज के लोगों ने एसडीएम करैरा को आवेदन सौंपकर वन विभाग पर राजस्व भूमि पर अतिक्रमण के प्रयास का आरोप लगाया है।

सार्वजनिक मार्ग बंद करने के प्रयास का आरोप

नगरवासियों का कहना है कि छोटा तालाब तक जाने वाला मार्ग राजस्व अभिलेखों में दर्ज है और पूर्व में वन एवं राजस्व विभाग के संयुक्त सीमांकन में भी इसे राजस्व भूमि माना गया था। इसके बावजूद वन विभाग द्वारा नगर वन योजना के तहत गेट एवं बाउंड्री वॉल निर्माण की तैयारी की जा रही है, जिससे आमजन के आवागमन पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

कब्रिस्तान भूमि को लेकर भी विवाद

आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि सर्वे नंबर 362 स्थित पुराने कब्रिस्तान क्षेत्र को भी वन विभाग अपनी सीमा में शामिल करने का प्रयास कर रहा है। इससे स्थानीय मुस्लिम समाज सहित सर्व समाज में नाराजगी और आक्रोश का माहौल है।

नगर विकास कार्यों पर उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने बताया कि नगर परिषद द्वारा छोटा तालाब क्षेत्र में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से सौंदर्यीकरण, पेवर ब्लॉक और लाइटिंग जैसे विकास कार्य कराए गए हैं। यह क्षेत्र अब नगर का प्रमुख सार्वजनिक स्थल बन चुका है, जहां बड़ी संख्या में लोग प्रतिदिन पहुंचते हैं।

प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग

सर्व समाज के लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि वन विभाग की इस कार्यवाही पर रोक लगाई जाए और सार्वजनिक मार्ग एवं तालाब क्षेत्र को सुरक्षित रखा जाए, ताकि आमजन का आवागमन बाधित न हो। फिलहाल इस मामले को लेकर प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है।

 

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