शिवपुरी जिले के खनियाधाना थाना क्षेत्र के कफार गांव में आदिवासी महिलाओं ने अवैध कच्ची शराब के कारोबार के खिलाफ खुद मोर्चा संभाल लिया। हाथों में लाठियां लेकर एकजुट हुई महिलाओं ने गांव में संचालित कई अवैध शराब के ठिकानों पर पहुंचकर शराब बनाने के उपकरण तोड़ दिए और तैयार कच्ची शराब तथा महुआ को सड़क पर फेंक दिया।घटना के वीडियो भी सामने आए हैं, जिनमें महिलाएं लाठियों से शराब बनाने के सामान को नष्ट करती नजर आ रही हैं।

ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि गांव में वर्षों से खुलेआम कच्ची शराब बनाई जा रही है। इसकी वजह से गांव के पुरुषों को आसानी से शराब मिल जाती है, जिससे आए दिन घरेलू हिंसा, पारिवारिक विवाद और मारपीट जैसी घटनाएं बढ़ रही हैं। उनका कहना है कि शराब की लत के कारण कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और घरों का माहौल लगातार खराब हो रहा है।
महिलाओं ने बताया कि उन्होंने कई बार आबकारी विभाग और पुलिस से अवैध शराब के कारोबार की शिकायत की, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। प्रशासन की निष्क्रियता से परेशान होकर उन्होंने खुद ही अवैध शराब के ठिकानों के खिलाफ कार्रवाई करने का फैसला किया।
महिलाओं के अनुसार, गांव में तीन-चार स्थानों पर कच्ची शराब बनाई जा रही थी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भविष्य में दोबारा गांव में अवैध शराब बनाने का काम शुरू हुआ, तो वे फिर से एकजुट होकर इसका विरोध करेंगी और किसी भी कीमत पर अवैध शराब का कारोबार नहीं चलने देंगी।
रिपोर्ट : कुलदीप गुप्ता