उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए एक नई आध्यात्मिक सुविधा शुरू होने जा रही है। अब बाबा महाकाल के अन्नक्षेत्र में दान की प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। खास बात यह है कि दानदाता श्रद्धालु अपने हाथों से भगवान महाकाल को भोग भी अर्पित कर सकेंगे।

महाकालेश्वर मंदिर समिति श्रद्धालुओं को डिजिटल सुविधा से जोड़ते हुए अन्नक्षेत्र दान व्यवस्था को ऑनलाइन करने जा रही है। मंदिर समिति के अनुसार, श्रद्धालु अब घर बैठे महाकाल मंदिर की ऑफिशियल वेबसाइट के माध्यम से अन्नक्षेत्र में दान कर सकेंगे। नई व्यवस्था के तहत भक्त साल के 365 दिन में किसी भी तारीख को पहले से बुक कर सकेंगे। चाहे जन्मदिन हो, शादी की सालगिरह, पुण्यतिथि या कोई विशेष अवसर। श्रद्धालु उस दिन के लिए भोजन प्रसादी का दान कर पाएंगे। मंदिर समिति की उप प्रशासक सिम्मी यादव ने बताया कि दानदाताओं को विशेष रूप से भोग आरती के दौरान मंदिर ले जाया जाएगा। जहां उनके हाथों से भगवान महाकाल को भोजन प्रसादी का भोग अर्पित कराया जाएगा। इसके बाद वहीं प्रसादी अन्नक्षेत्र में श्रद्धालुओं को वितरित की जाएगी।

बताया जा रहा है कि अन्नक्षेत्र पूरी तरह दान से संचालित होता है। जहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भोजन प्रसादी ग्रहण करते हैं। ऐसे में इस नई ऑनलाइन सुविधा से अधिक से अधिक भक्तों को सेवा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। मंदिर समिति के अनुसार, दोनों समय की भोजन प्रसादी के लिए 1 लाख 10 हजार रुपए, एक समय के लिए 51 हजार रुपए और मिष्ठान प्रसादी के लिए 21 हजार रुपए दान राशि निर्धारित की गई है।
भगवान महाकाल को प्रतिदिन रोटी, दाल-चावल और विभिन्न सब्जियों का भोग अर्पित किया जाता है। कई श्रद्धालु अपनी श्रद्धा अनुसार मिठाई भी अर्पित करते हैं। मंदिर प्रशासन का मानना है कि यह पहल श्रद्धालुओं को न केवल डिजिटल सुविधा देगी। बल्कि उन्हें बाबा महाकाल की सेवा और भोग आरती से भावनात्मक रूप से जोड़ने का नया अवसर भी प्रदान करेगी।
उज्जैन से संवाददाता प्रियंक की रिपोर्ट