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संभाग आयुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रोशन कुमार सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान विजिटर फैसिलिटी सेंटर, निशुल्क अन्नक्षेत्र, हरसिद्धि रोड, नृसिंह घाट रोड और रामघाट क्षेत्र सहित कई प्रमुख स्थानों का दौरा किया गया।
जीतू पटवारी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी द्वारा आकस्मिक विशेष विधानसभा सत्र बुलाए जाने के संदर्भ में कांग्रेस पार्टी अपनी नीति स्पष्ट करते हुए मांग करती है कि देश को गुमराह करना बंद किया जाए और महिला सशक्तिकरण की दिशा में ठोस एवं प्रभावी कदम उठाए जाएं।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कांग्रेस ने बहनों के साथ जो अन्याय किया है, उसे देश कभी नहीं भूलेगा। बहनों को उनका हक दिलाने के लिए हम लगातार प्रयास करते रहेंगे।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद से कांग्रेस ने महिलाओं के प्रति नकारात्मक रवैया अपनाया और लगातार अन्याय किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं को आरक्षण दिलाना चाहते हैं, लेकिन कांग्रेस और विपक्ष के कारण यह संभव नहीं हो पाया।
भोपाल की होनहार दोनों बेटियों के उज्जवल भविष्य की कामना की।
श्री पटवारी ने कहा कि भाजपा सरकार ने 2023 में सर्वसम्मति से पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करने के बजाय उसे जनगणना और परिसीमन की शर्तों में उलझाकर टालने की साजिश रची है।
दिव्यांगजन सशक्तिकरण की संस्थाओं में अतिथि शिक्षकों को वर्ग-1 के समान। हर महीने 18 हजार रुपये मानदेय देने का निर्णय। दिव्यांगजनों की समस्याओं के निदान के लिए शुरु की 1800-233-4397 टोल-फ्री हेल्प लाइन।
कार्यक्रम में विधायक अर्चना चिटनिस ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए महिला आरक्षण के मुद्दे पर सवाल खड़े किए। वहीं नेपानगर विधायक मंजू दादू ने भी महिला अधिकारों को लेकर अपनी बात मजबूती से रखी।
यादव ने पूछा कि आज के समय में अगर कोई गरीब, किसान या मजदूर चार बच्चे पैदा कर ले, तो क्या उनके पालन-पोषण और शिक्षा की जिम्मेदारी धीरेंद्र शास्त्री या उनकी सरकार उठाएगी?
शिकायत में बताया गया है कि वनक्षेत्रपाल के खिलाफ बिना किसी पूर्व सूचना और स्पष्टीकरण के एक साथ चार आरोप जारी कर दिए गए। शिशुपाल का कहना है कि इन आरोपों से उनकी सेवा, पदोन्नति और वेतनमान पर प्रतिकूल प्रभाव डालने की कोशिश की जा रही है।
रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75 डेसिबल एवं रात्रि में 70 डेसिबल, वाणिज्यिक क्षेत्र में 65 एवं 55 डेसिबल, आवासीय क्षेत्र में 55 एवं 45 डेसिबल तथा शांत क्षेत्र में 50 एवं 40 डेसिबल की सीमा तय की गई है।
बताया जा रहा है कि दुकान पर खाद्यान्न वितरण के दौरान कुछ पात्र हितग्राही राशन लेने पहुंचे थे। इसी दौरान दुकान संचालक ने कथित रूप से उनके साथ अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया और एक समाज विशेष को निशाना बनाते हुए अभद्र टिप्पणियां कीं।