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डीजे बजाने को लेकर कलेक्टर ने जारी किए सख्त आदेश, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75 डेसिबल एवं रात्रि में 70 डेसिबल, वाणिज्यिक क्षेत्र में 65 एवं 55 डेसिबल, आवासीय क्षेत्र में 55 एवं 45 डेसिबल तथा शांत क्षेत्र में 50 एवं 40 डेसिबल की सीमा तय की गई है।

By: Naredra 
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डीजे बजाने को लेकर कलेक्टर ने जारी किए सख्त आदेश, उल्लंघन पर होगी कड़ी कार्रवाई

‎गुनाः जिले में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण, कानून-व्यवस्था एवं आमजन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट किशोर कुमार कन्याल द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के अंतर्गत डीजे (ध्वनि विस्तारक यंत्र) के उपयोग को लेकर विस्तृत आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश 23 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो गया है।

आदेश में उल्लेख किया गया है कि विवाह, धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों के दौरान डीजे के अत्यधिक उपयोग से ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है, जिससे आम नागरिकों के स्वास्थ्य एवं शांति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। इसी को दृष्टिगत रखते हुए जिले में डीजे के उपयोग पर सख्त नियंत्रण लागू किया गया है।

जारी आदेशानुसार रात्रि 10:00 बजे से सुबह 6:00 बजे तक ध्वनि विस्तारक यंत्रों का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। दिन एवं रात्रि के लिए ध्वनि सीमा निर्धारित की गई है, जिसके अनुसार औद्योगिक क्षेत्र में दिन में 75 डेसिबल एवं रात्रि में 70 डेसिबल, वाणिज्यिक क्षेत्र में 65 एवं 55 डेसिबल, आवासीय क्षेत्र में 55 एवं 45 डेसिबल तथा शांत क्षेत्र में 50 एवं 40 डेसिबल की सीमा तय की गई है।

आदेश के अनुसार डीजे का उपयोग केवल निजी परिसर, जैसे मैरिज गार्डन या कवर परिसर में ही निर्धारित ध्वनि सीमा के भीतर किया जा सकेगा। डीजे का उपयोग चलित रूप से नहीं होगा और सार्वजनिक स्थानों, सड़कों, जुलूसों, रैलियों एवं अन्य खुले स्थानों पर डीजे का उपयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। रात्रि के समय किसी भी प्रकार की अनुमति नहीं दी जाएगी। किसी भी कार्यक्रम में डीजे संचालन की स्थिति में कार्यक्रम आयोजक, स्थल स्वामी एवं डीजे संचालक संयुक्त रूप से उत्तरदायी होंगे। डीजे संचालकों को साउंड डेसिबल मीटर एप या अन्य मान्यता प्राप्त उपकरणों के माध्यम से ध्वनि स्तर की नियमित जांच करना अनिवार्य होगा, जिससे निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।

यदि किसी कार्यक्रम में डीजे हेतु विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति या संस्था के विरुद्ध भी उल्लंघन की स्थिति में वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। बार-बार उल्लंघन  की स्थिति में कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।  आदेश के उल्लंघन की स्थिति में डीजे उपकरण एवं वाहन तत्काल जब्त किए जाएंगे तथा आवश्यकतानुसार कार्यक्रम स्थल को सील भी किया जा सकता है। साथ ही मोटरयान अधिनियम 1988 के प्रावधानों के विरुद्ध पाए जाने वाले वाहनों पर पुलिस एवं परिवहन विभाग द्वारा पृथक से कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह आदेश आमजन के स्वास्थ्य, शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से जारी किया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 एवं अन्य प्रासंगिक धाराओं के अंतर्गत कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

गुना से संवाददाता रणधीर चंदेल की रिपोर्ट

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