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संदेह होने पर सर्किट हाउस स्टाफ ने आरोपी से पहचान पत्र मांगा, लेकिन वह टालमटोल करता रहा। इसके बाद संबंधित मंत्रालय से पुष्टि की गई, जिसमें खुलासा हुआ कि युवक किसी भी सरकारी पद पर कार्यरत नहीं है।
बीती रात को करीब 8 बजे बोरवेल में गिर गया था मासूम, जो बोरवैल के करीब 70 फिट की गहराई में पानी के बीच फंसा रहा। मासूम को निकालने के लिए दो अलग-अलग रेस्क्यू ऑपरेशन चलाए गए।
इन कार्यक्रमों में महिला सांसदों, विधायकों, महापौर और पंचायत प्रतिनिधियों सहित सफल महिला उद्यमियों को सम्मानित कर उनके अनुभवों को साझा किया जाएगा।
मध्य प्रदेश में 57 हजार 096 प्राथमिक शालाओं के 24 लाख 36 हजार 489 और 30 हजार 819 माध्यमिक शालाओं के 15 लाख 60 हजार 901 विद्यार्थियों को लाभ मिल रहा है।
स्वयं सहायता समूह ऐसे छोटे समूह होते हैं जिनमें आमतौर पर 10 से 20 लोग, विशेषकर महिलाएँ, स्वेच्छा से जुड़कर बचत, ऋण और आजीविका गतिविधियाँ संचालित करते हैं। इन समूहों का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को आत्मनिर्भर बनाना, छोटी बचत को बढ़ावा देना और सामूहिक रूप से रोजगार के अवसर पैदा करना है।
प्रकरण में पुलिस थाना चिमनगंजमंडी द्वारा मामला दर्ज कर विस्तृत जांच के बाद आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक ईश्वर सिंह केलकर ने प्रभावी पैरवी करते हुए साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों को दोषी सिद्ध कराया।
1974 से नर्मदा वैली से सारा क्षेत्र सिंचाई और बाकी चीजों से समृद्ध हो सकता था लेकिन दुर्भाग्य से राजनीतिक उठापटक और सोच की कमी के कारण से योजना नहीं बन पाई। जो योजना 20 साल बन सकती थी वह नरेंद्र मोदी के गुजरात में मुख्यमंत्री बनते ही अपने ही संसाधनों से सरदार सरोबर डैम पूरा किया और उसके बाद हमारे प्रदेश की भी धारा बदली।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि समितियों के माध्यम से सदन के कार्यों को कराना, विभिन्न विषयों के आधार पर कराना। हमारे यहां ये परिपक्वता का एक अच्छा माहौल बन रहा है।
आलोक नागर और राजेश भट्ट ने ली राज्य सूचना आयुक्त पद की शपथ। राज्यपाल ने शपथ ग्रहण के बाद राज्य सूचना आयुक्तों को पुष्प-गुच्छ भेंट कर बधाई एवं शुभकामनाएं दी।
31 मार्च 2027 तक चलेगा संत रविदास का जयंति वर्ष । इस दौरान प्रत्येक जिलों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इसमें वित्त प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना, किसानों की फसल खरीदी और सिंचाई परियोजना पर चर्चा संभव है।
प्रभारी मंत्री के निरीक्षण के दौरान मौके पर कार्य नहीं पाए जाने, गंभीर अनियमितता और अधिकारियों द्वारा गुमराह करने की बात सामने आई।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष श्री पटवारी ने कहा कि जब प्रदेश के उद्योगपति और मजदूर दोनों ही आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं, तब मुख्यमंत्री मोहन यादव की सरकार किस विकास का जश्न मना रही है? यह सरकार जमीनी हकीकत से पूरी तरह कटी हुई है और केवल प्रचार-प्रसार में लगी हुई है।