बजट में किसानों के लिए कई बड़े प्रावधान शामिल हैं। फसल बीमा, किसान सम्मान निधि, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए नदी जोड़ो परियोजनाएं, नहर विस्तार और नई योजनाओं पर जोर दिया गया है, जिससे लाखों किसानों को लाभ मिलेगा।
बजट में किसानों के लिए कई बड़े प्रावधान शामिल हैं। फसल बीमा, किसान सम्मान निधि, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए नदी जोड़ो परियोजनाएं, नहर विस्तार और नई योजनाओं पर जोर दिया गया है, जिससे लाखों किसानों को लाभ मिलेगा।
शुगर नियंत्रण के लिए जागरूकता बढ़ाई जा रही है और जिला अस्पतालों में टाइप-1 डायबिटीज के लिए विशेष क्लिनिक शुरू किए जा रहे हैं।
सिंगरौली में प्रदूषण, विस्थापन और बेरोजगारी सबसे बड़े मुद्दे हैं, लेकिन विधानसभा में इन पर कोई ठोस चर्चा नहीं हुई।
परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने पहले गैस की समस्या बताकर भर्ती किया था, लेकिन इलाज के दौरान अचानक मरीज की जान चली गई।
सरकार वर्तमान वर्ष को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मना रही है, लेकिन कृषि विभाग को आवंटित बजट को लेकर सरकार की क्या कार्ययोजना है इस पर कोई चर्चा नहीं हुई।
कार्यमंत्रणा समिति में जो बिजनेस तय हुआ था वो सदन में पूरा हुआ। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि एजेंडा पर 100 फीसदी चर्चा हुई।
होली पर्व को शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से महाकाल मंदिर प्रबंध समिति ने दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
प्रदेश के वनों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर जलवायु-सहिष्णु तथा जैव-विविधता से परिपूर्ण आदर्श वनों के रूप में स्थापित करना विजन@2047 का लक्ष्य
सरकार द्वारा लिए गए कर्ज को किसानों की सिंचाई, सड़क, किसानों को बिजली सहित जनता की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए खर्च किया जा रहा है।
मंत्री ने कहा कि वे खुद अवैध कॉलोनी के विरोधी हैं। कहीं भी अवैध कॉलोनियों का निर्माण नहीं होना चाहिए।
विधायक ने कहा कि उन्होंने शिव मंदिर की प्रतिष्ठा करने के बाद शिव बारात में पटाखा फोड़ने वाली बंदूक से हर्ष फायर किया था। उनके पास कोई एकके- 47 या कोई पिस्टल नहीं थी। उन्होने कोई कानून का उल्लंघन नहीं किया।
उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने विश्वास जताया कि शिवराज सिंह के कुशल मार्गदर्शन में मध्य प्रदेश सहित देश कृषि और ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा।
बुधवार शाम अचानक इंजेक्शन देकर ऑपरेशन थिएटर लेजाकर महिला का ऑपरेशन कर दिया। करीब डेढ़ घंटे बाद महिला को गंभीर हालत में बाहर लाकर दूसरे अस्पताल ले जाने की सलाह दी गई।
इस बयान के बाद मध्य प्रदेश में राजनीति गरमा सकती है। विपक्षी दल इस मुद्दे को सरकार की लापरवाही से जोड़कर देख रहे हैं।
डीआईजी ने सुरक्षा के लिहाज से बैरिकेडिंग, वीआईपी रूट और सुरक्षा घेरे की समीक्षा की। उन्होंने निर्देशित किया कि सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल के साथ-साथ सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों का भी उपयोग किया जाय।