कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसानों को डीजल नहीं मिल पा रहा है, गृहणियों को गैस समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके अलावा कई अन्य मांगों को लेकर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने जनता के बीच अपनी बात रखी और केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसानों को डीजल नहीं मिल पा रहा है, गृहणियों को गैस समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके अलावा कई अन्य मांगों को लेकर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने जनता के बीच अपनी बात रखी और केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया।
कविता पांडेय ने कहा कि गैस एजेंसी में लोग एक-एक किलोमीटर तक लाइन लगा रहे हैं। जबकि सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर पर 60 रुपए बढ़ा दिए उसके बावजूद भी समय पर लोगों को गैस नहीं मिल रही है।
राठौर ने कहा कि आज किसानों की फसल तैयार है, लेकिन उन्हें वारदाना नहीं मिल पा रहा, जिससे किसान खुद को ठगा और छला हुआ महसूस कर रहे हैं।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि सम्मेलन में एआई को शिक्षा प्रणाली में शामिल करने और भविष्य की चुनौतियों से निपटने पर भी मंथन किया गया।
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि गैस एजेंसियों में कालाबाजारी, पेट्रोल पंपों पर लंबी लाइनें और बढ़ती बेरोजगारी ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। मध्यम वर्ग और गरीब परिवार सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और बाजार में इसकी अपर्याप्त उपलब्धता को सरकार की बड़ी विफलता करार दिया।
महंगाई के अलावा, कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सांदीपनी विद्यालय के खराब परीक्षा परिणाम पर गहरी नाराजगी जताई और जिम्मेदार शिक्षकों के तत्काल स्थानांतरण की मांग की।
एक तरफ बढ़ती बिजली दरों को लेकर राजनीतिक घमासान है, तो दूसरी तरफ आपराधिक घटनाओं ने सरकार की चुनौती बढ़ा दी है।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर गूंजे सरकार विरोधी नारे, राजस्व मामले में पुलिस हस्तक्षेप पर उठे गंभीर सवाल, आदिवासी जमीन गैर आदिवासी के नाम होने पर निष्पक्ष जांच की मांग, 32 लोगों पर दर्ज प्रकरण वापस लेने और गिरफ्तारी रोकने की मांग।
आज छिंदवाड़ा के दौरे पर रहेंगे कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी।
राहुल गांधी पर तंज कसते हुए मंत्री सारंग ने कहा कि राहुल सिर्फ अपने 'इवेंट मैनेजर' की लिखी स्क्रिप्ट पढ़ते हैं और उन्हें अर्थशास्त्र का रत्ती भर भी ज्ञान नहीं है।
कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और हाथों में खाली गैस सिलेंडर, थाली, कटोरे और बर्तन लेकर अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया।
सरकार द्वारा लिए गए कर्ज को किसानों की सिंचाई, सड़क, किसानों को बिजली सहित जनता की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए खर्च किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री ने मध्यप्रदेश समेत पूरे देश में सभी क्षेत्रों में समान रूप से आगे बढ़ने के लिए हार्टिकल्चर, एग्रीकल्चर, सिंचाई, कपास, रेडिमेंट गारमेंट को लेकर अब यूरोपियन यूनियन के साथ जुड़कर मध्यप्रदेश के 6 लाख किसानों को नया मार्ग खोला है। यह केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शासनकाल में ही हो सकता था।
भाजपा सरकार पर कांग्रेस नेताओं के तीखे वार- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्रंप के सामने घुटने टेक दिए हैं। अब कहां जाएंगे हमारे किसान?