कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के नेतृत्व में बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
डॉ. सुमेरसिंह सोलंकी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है। इसलिए यह कांग्रेस के लोग आरोप लगाते फिरते नजर आ रहे हैं।
कांग्रेस शहर अध्यक्ष का कहना था कि गेहूं उपार्जन की प्रक्रिया सुचारू रूप से शुरू नहीं हो पा रही है, जिससे किसान आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। मजबूरी में किसान अपनी उपज कम दामों पर बेचने को विवश हैं और बैंक ऋण चुकाने में असमर्थ होने के कारण डिफॉल्टर होते जा रहे हैं।
मुकेश नायक ने यह भी दावा किया कि मध्य प्रदेश की 60% महिलाएं योजनाओं के लाभ से वंचित हैं और 60 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को लाड़ली बहन योजना का लाभ नहीं मिल रहा।
जीतू पटवारी किसानों के ट्रैक्टर पर चढ़े और किसानों से गेहूं के भाव की जानकारी ली। किसानों ने बताया कि उन्हें फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। जिस पर पटवारी ने सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसानों के साथ न्याय नहीं हो रहा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जो लोग देश की अर्थव्यवस्था को पहियों पर आगे बढ़ाते हैं, आज वही सबसे ज्यादा उपेक्षित और परेशान हैं।
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने खरगोन में टंट्या भील जी की प्रतिमा स्थापना में हुए भ्रष्टाचार को उजागर करते हुए कहा कि ₹10 लाख के बजट के बावजूद मात्र ₹60 हजार की फाइबर प्रतिमा स्थापित की गई थी, जो आदिवासी समाज के सम्मान के साथ खिलवाड़ था। कांग्रेस के विरोध के बाद प्रशासन को कार्रवाई करनी पड़ी और अंततः संगमरमर की प्रतिमा स्थापित की गई।
गरीबों और वंचितों के हक के लिए उनका संघर्ष आज भी हमें अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देता है।
वरिष्ठ कांग्रेस नेता गजेंद्र सिंह सिसोदिया और ब्लॉक अध्यक्ष मंगल सिंह राजपूत ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि फसल कटकर तैयार है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर खरीदी की रफ्तार बेहद सुस्त है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार के मामले में दोषी ठहराया गया है, जो कथित रूप से दिग्विजय सिंह के कार्यकाल से जुड़ा है।
नरोत्तम मिश्रा पर पेड न्यूज का मामला इसी विधानसभा का है। अब तक कोई निर्णय नहीं किया निर्मला सप्रे पर विधानसभा ने कोई निर्णय नहीं लिया। बीजेपी अलोकतांत्रिक का कैंसर बन गई है।
बढ़ते आर्थिक दबाव के कारण कंपनियां कीमतें बढ़ा रही हैं और पैकेट का आकार घटाकर “कम मात्रा, अधिक कीमत” का मॉडल अपना रही हैं, जिससे आम उपभोक्ता को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
यह कितनी दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति है कि देश के कृषि मंत्री के अपने ही गृह राज्य में किसान एक अदद बोरे के लिए तरस रहे हैं! संसद में "जनसंपर्क अधिकारी" की तरह केंद्र सरकार की झूठी प्रशंसा कर राष्ट्रीय आलोचना का केंद्र बने केंद्रीय कृषि मंत्री अपने मूल दायित्व को भूल चुके हैं!
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि किसानों को डीजल नहीं मिल पा रहा है, गृहणियों को गैस समय पर उपलब्ध नहीं हो पा रही है। इसके अलावा कई अन्य मांगों को लेकर कांग्रेस के पदाधिकारियों ने जनता के बीच अपनी बात रखी और केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया।
कविता पांडेय ने कहा कि गैस एजेंसी में लोग एक-एक किलोमीटर तक लाइन लगा रहे हैं। जबकि सरकार ने एलपीजी गैस सिलेंडर पर 60 रुपए बढ़ा दिए उसके बावजूद भी समय पर लोगों को गैस नहीं मिल रही है।