कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने मांग की है कि महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त और बिना देरी के लागू किया जाए।
कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने मांग की है कि महिला आरक्षण को बिना किसी शर्त और बिना देरी के लागू किया जाए।
कांग्रेस सहित विरोध दलों पर महिला विरोधी होने का आरोप। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस पर अंग्रेजी मानसिकता के साथ चलने का आरोप लगाया।
मंत्री कृष्णा गौर ने कहा कि भाजपा महिलाओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करेगी और उन्हें यह संकल्प दिलाएगी कि वे कांग्रेस को उसके “कथित अन्याय” के लिए माफ नहीं करेंगी।
बैठक में सभी जिला प्रभारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में संगठनात्मक गतिविधियों को गति दें तथा आम जनता के मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाते हुए कांग्रेस की विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाएं।
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जनता सब देख रही है और इसका जवाब समय पर अवश्य देगी।
अपने उद्बोधन में जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस पिछले 25 वर्षों से सत्ता से बाहर है, ऐसे में कार्यकर्ताओं को और अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है।
मंत्री विश्वास सारंग ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस और खासकर नेहरू परिवार ने हमेशा बाबा साहब अंबेडकर का अपमान किया। उन्होंने आरोप लगाया कि जवाहरलाल नेहरू ने बाबा साहब को चुनाव हराने की कोशिश की और उन्हें लोकसभा तक पहुंचने से रोकने का प्रयास किया।
प्रदर्शन के दौरान नेताओं ने दो मुख्य मुद्दे उठाए। ठेला व्यापारियों से कथित अवैध वसूली। गर्मी में उनकी रोज़ी-रोटी पर प्रशासनिक कार्रवाई का असर
जीतू पटवारी ने कहा कि मैं और मेरे पिताजी भी कृषि करते आये हैं। इसीलिए मैं कृषि की उन्नत तकनीक देखने विदिशा जा रहा था।
कांग्रेस ने ज्ञापन में मांग की है कि सभी अनाज मंडियों में पारदर्शी एवं सुचारू व्यवस्था की जाए ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे। कलेक्ट्रेट कार्यालय के बाहर तीन स्तरीय बैरिकेडिंग की गई थी। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड्स पार करते हुए आगे बढ़े और कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंच गए।
कांग्रेस ने प्रमुख मांगों में केला फसल के लिए बीमा योजना लागू करने, समर्थन मूल्य पर गेहूं-चना की खरीदी तुरंत शुरू करने, प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान का शत-प्रतिशत मुआवजा देने और उपार्जन केंद्रों की अव्यवस्थाएं सुधारने की बात कही है।
पन्ना में किसानों का 'ट्रैक्टर मार्च'। सैकड़ों किसानों व कांग्रेस ने घेरा कलेक्ट्रेट। अन्नदाताओं के हक में बुलंद की आवाज।
कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि गेहूं खरीदी प्रक्रिया को सुचारू किया जाए, किसानों को समय पर भुगतान मिले और उन्हें आर्थिक राहत प्रदान की जाए।