मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अगर मां-बेटे का संबंध किसी को बताना है तो सिर्फ यशोदा मैया का नाम लेने से कृष्ण-कन्हैया का स्वत: ही स्मरण हो जाता है। यशोदा मैया के प्रण की पराकाष्ठा ऐसी थी कि उन्होंने अपनी संतान के प्राणों की चिंता न करते हुए कन्हैया का लालन-पालन किया। जब तक कन्हैया उनके पास रहे कभी बाल बराबर भी आंच नहीं आने दी।
