उज्जैनः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा कार्तिक मेला मैदान, उज्जैन में ‘मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना’ अंतर्गत आयोजित सामूहिक विवाह सम्मेलन एवं विकास कार्यों के भूमिपूजन कार्यक्रम में सहभाग किया।

इस मौके पर सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज यहां विवाह के 100 और 12 निकाह के कुल 112 जोड़ों का विवाह संपन्न हो रहा है। अक्षय मूल्यों के आधार पर अक्षय तृतीया का अपने जीवन में विशेष महत्व होता है। उज्जैन वैसे तो बाबा महाकाल की नगरी है, लेकिन भगवान कृष्ण की ससुराल भी है। दो वर्षों में अभी तक मुख्यमंत्री कन्यादान और निकाह योजना में 641 जोड़ों का विवाह और निकाह संपन्न हुआ। और इसके माध्यम से लगभग 3 करोड़ 52 लाख रुपए खर्च किए गए। यह आंकड़ा अपने आप में बताता है कि हमारी सामाजिक सेवा का संकल्प हमारी पार्टी के द्वारा जो कहा गया वह किया। यह लगभग 49 हजार रुपए प्रति जोड़ा दिया गया और बाद का खर्चा भी सरकार के माध्यम से देने का काम किया जाएगा। बीते चार माह पहले भी मेरे बेटे का विवाह भी ऐसे ही सामूहिक विवाह में हुआ था।

आज इसी अवसर पर 58 करोड़ 29 लाख रुपए के आधार पर 7 कामों का भूमिपूजन और लोकार्पण हुआ इसमें 21 करोड़ 8 लाख की लागत से हर्सितिपाल से लेकर रामघाट तक रोड़ का भूमिपूजन, महाकाल लोक में जब यात्री पैदल चलते हैं ऊपर गर्मी लगती है नीचे पैर जलते हैं। लगभग साढ़े 13 करोड़ की लागत से छाया का सेड बनाने का काम शुरू हुआ है। इसी प्रकार से 8 करोड़ 55 लाख की लागत से विक्रम कीर्ति संग्रहालय जो आधुनिक डिस्प्ले के साथ आधुनिक संग्रहालय का लोकार्पण हो रहा है।
4 करोड़ 55 लाख की लागत से नीलगंगा सरोवर का पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण, कालीदास उद्यान में करीब 2 करोड़ की लागत से अमृत-2 के माध्यम से पुरुषोत्तम सागर एक करोड़ 11 लाख की लागत से भूमि पूजन। एक समय में हमारा पूरा शहर महानगर से भी आगे चलकर बड़ा हो जाएगा। मुख्यमंत्री ने सभी नवदंपतियों को आशीर्वाद देते हुए प्रत्येक जोड़े को 49 हजार रुपये की सहायता राशि और दोपहिया वाहन भेंट किए। कार्यक्रम को ‘जीरो वेस्ट इवेंट’ के रूप में आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंहस्थ 2028 में उज्जैन दुनिया के सामने सनातन संस्कृति और आधुनिक विकास का अद्भुत संगम पेश करेगा।