बड़वानी में स्वरा भास्कर की जौहर संबंधी कथित टिप्पणी के विरोध में क्षत्रिय करणी सेना ने प्रदर्शन कर पुतला दहन किया। संगठन ने राजपूत समाज की भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
बड़वानी में स्वरा भास्कर की जौहर संबंधी कथित टिप्पणी के विरोध में क्षत्रिय करणी सेना ने प्रदर्शन कर पुतला दहन किया। संगठन ने राजपूत समाज की भावनाएं आहत होने का आरोप लगाते हुए राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
बड़वानी में MPPSC राज्य सेवा मुख्य परीक्षा-2026 का पहला पेपर शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। परीक्षा केंद्र पर पंजीकृत 58 अभ्यर्थियों में से 50 शामिल हुए। 7 से 12 सितंबर तक चलने वाली परीक्षा के लिए मेटल डिटेक्टर, बायोमेट्रिक और आइरिस स्कैन सहित कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
बड़वानी के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस में करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से वर्ष 2022 में तैयार ऑनलाइन परीक्षा एवं ई-लर्निंग सेंटर को एमपी एसआई भर्ती की परीक्षा सूची में शामिल किया गया है। छात्रों के लंबे आंदोलन के बाद मिली इस सफलता से जिले और आसपास के आदिवासी क्षेत्रों के अभ्यर्थियों को दूसरे शहरों में परीक्षा देने की परेशानी और अतिरिक्त खर्च से राहत मिलने की उम्मीद है।
बड़वानी में NH-347 देशगांव-जुलवानिया फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण के विरोध में किसानों ने कलेक्ट्रेट गेट पर धरना दिया। भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने सर्वे की कथित त्रुटियां दूर करने, छूटी संपत्तियों का दोबारा आकलन कराने और वर्तमान नियमों के अनुसार 4 गुना मुआवजा देने की मांग की। मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी गई।
बड़वानी जनपद पंचायत के सीईओ मोतीलाल काग के 37 वर्षों के शासकीय सेवाकाल के पूर्ण होने पर शुभम पैलेस में सम्मान समारोह आयोजित कर भावभीनी विदाई दी गई। जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और समाजजनों ने उनके सरल स्वभाव, कर्तव्यनिष्ठा और जनसेवा की सराहना की। सिर्वी समाज ने उन्हें आई माताजी का चित्र भेंट कर सम्मानित किया।
भाजपा के नवनियुक्त राष्ट्रीय महामंत्री और खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल के बड़वानी पहुंचने पर भव्य स्वागत हुआ। सांसद सेवा केंद्र में कार्यकर्ताओं ने फूल-मालाओं और ढोल-नगाड़ों के साथ उनका अभिनंदन किया। रक्षाबंधन पर महिला मोर्चा की बहनों ने उन्हें रक्षा सूत्र बांधा। पटेल ने नई जिम्मेदारी को निमाड़ के लिए गौरव बताते हुए क्षेत्र की आवाज राष्ट्रीय स्तर पर उठाने की बात कही।
बड़वानी के सेगांव में स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिजली बिल बढ़ने की शिकायत को लेकर ग्रामीणों ने विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने गलत रीडिंग के कारण हजारों रुपये के बिल आने का आरोप लगाया और बिलों में सुधार की मांग की। विभाग ने मीटरों की जांच कर नियमानुसार समाधान का भरोसा दिया है।
बड़वानी में त्योहारी सीजन से पहले शकर के खुदरा दाम 70 रुपए किलो तक पहुंच गए हैं। व्यापारियों के मुताबिक करीब 20 दिनों में कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है, जिससे गृहिणियों, मिठाई कारोबारियों और चाय दुकानदारों का बजट प्रभावित हुआ है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 14 अगस्त को बड़वानी के प्रस्तावित दौरे पर रहेंगे । दौरे के दौरान सीएम यादव उद्यमी, कृषक और प्रबुद्धजन संवाद के साथ शासकीय स्थलों का निरीक्षण और समीक्षा बैठक करेंगे।
बड़वानी के ग्राम मल्फा में मुख्यमंत्री अधोसंरचना योजना के तहत बन रही 19 लाख रुपये की पुलिया पर ग्रामीणों ने घटिया निर्माण सामग्री इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। शिकायत के बाद जिला पंचायत सीईओ काजल जावला ने सामग्री की लैब जांच और दोषी पाए जाने पर पुलिया दोबारा बनवाने तथा जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
बड़वानी विधायक राजन मंडलोई ने ग्राम पलवट में आकाशीय बिजली से घायल हुए लोगों से जिला अस्पताल में मुलाकात की। उन्होंने डॉक्टरों को सभी मरीजों का त्वरित और बेहतर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
बड़वानी के कुकरा गांव में चार महीने से पेयजल संकट बना हुआ है और अधूरा कुआं भी समस्या बढ़ा रहा है। ग्रामीणों ने कलेक्टर से तत्काल समाधान की मांग की है।
बड़वानी के बिलवानी गांव में स्व सहायता समूह की अध्यक्ष पर 6 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगा है। महिलाओं ने कलेक्टर से शिकायत कर राशि वापस दिलाने की मांग की है।
बड़वानी जिले में कमजोर प्री-मानसून और मानसून की देरी से किसानों की चिंता बढ़ गई है। पर्याप्त बारिश नहीं होने के कारण मक्का, सोयाबीन, कपास और अन्य फसलें प्रभावित हो रही हैं। नहरों में पानी की कमी और तलून स्थित मौसम केंद्र के बंद होने से किसानों को सिंचाई और मौसम संबंधी सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। किसान जल्द अच्छी बारिश और मौसम केंद्र को पुनः शुरू करने
बड़वानी में आयोजित दुग्ध उत्पादक एवं पशुपालक जागरूकता कार्यशाला में किसानों की कम भागीदारी रही। पशुपालकों ने महंगे पशु आहार, कम मुनाफे और बढ़ते कर्ज की समस्या उठाई।