बड़वानी जिले के भीलखेड़ा ब्लॉक की कुकरा राजघाट पंचायत में ग्रामीण पिछले चार महीनों से पेयजल संकट का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि गांव में साफ पीने के पानी की भारी कमी बनी हुई है और लोगों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों के अनुसार, गर्मी बढ़ते ही कुओं का जलस्तर काफी नीचे चला जाता है। मौजूदा कुएं का पानी कुछ ही देर मोटर चलाने पर खत्म हो जाता है। मजबूरी में लोगों को टैंकर के पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ भी बढ़ गया है।
ग्रामीणों ने बताया कि करीब 2 से 3 साल पहले गांव में कुआं निर्माण की स्वीकृति दी गई थी, लेकिन काम आधा अधूरा छोड़ दिया गया। अब तक निर्माण कार्य पूरा नहीं होने से स्थिति और गंभीर हो गई है।

पेयजल संकट और अधूरे निर्माण को लेकर ग्रामीणों ने कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मांग की है कि तत्काल पेयजल व्यवस्था बहाल की जाए और लंबित कुएं का निर्माण कार्य पूरा कराया जाए।
ग्रामीणों को अब प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार है। देखना होगा कि विभाग इस गंभीर पेयजल समस्या का समाधान कब तक करता है।