टीकमगढ़ जिले की पलेरा तहसील में मध्यप्रदेश पटवारी संघ के आह्वान पर चल रही अनिश्चितकालीन कलमबंद हड़ताल बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रही। तहसील परिसर में बड़ी संख्या में पटवारियों ने एकत्र होकर धरना-प्रदर्शन किया और सरकार से लंबित मांगों के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
पटवारी संघ का कहना है कि उनकी प्रमुख मांगों में कैडर रिव्यू, पदोन्नति, समयमान वेतनमान सहित पांच सूत्रीय मांगें शामिल हैं। संघ का आरोप है कि वर्षों से इन मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिसके चलते उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा है।
धरना स्थल पर तहसील पलेरा अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी और सदस्य भी पहुंचे तथा पटवारी संघ के आंदोलन को नैतिक समर्थन दिया। पटवारी संघ के तहसील अध्यक्ष सुनील अहिरवार ने अधिवक्ता संघ, किसानों और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों द्वारा मिले समर्थन के लिए आभार व्यक्त किया।

सुनील अहिरवार ने कहा कि शासन द्वारा पहले संघ की दो मांगों पर सकारात्मक निर्णय लिया गया है, लेकिन शेष मांगों का समाधान होने तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने सरकार से जल्द वार्ता कर लंबित मुद्दों का निराकरण करने की अपील की।
हड़ताल के चलते तहसील क्षेत्र में नामांतरण, सीमांकन, फसल गिरदावरी और अन्य राजस्व संबंधी कार्य प्रभावित हो रहे हैं। इससे किसानों और आम नागरिकों को आवश्यक सेवाओं के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। यदि हड़ताल लंबी चली तो राजस्व विभाग के कार्यों पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
धरना-प्रदर्शन में तहसील पलेरा के अनेक पटवारी शामिल हुए। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद की और सरकार से शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की।