प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के विदेश दौरे के अंतिम चरण रोम में है, जहां उनका भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी से मुलाकात की। यह दौरा भारत और इटली के बीच रणनीतिक, व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से बेहद अहम माना जा रहा है।
रोम पहुंचते ही प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की। भारतीय प्रवासियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक स्वागत के जरिए उनका अभिनंदन किया। इसके बाद पीएम मोदी और जॉर्जिया मेलोनी ने डिनर मीटिंग की और रोम के प्रसिद्ध कोलोसियम का दौरा भी किया। दोनों नेताओं की साथ में तस्वीरें और मेलोडी सेल्फी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रही है।
यह यात्रा सिर्फ मुलाकात तक सीमित नहीं है, यह दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, समुद्री सहयोग और टेक्नोलॉजी जैसे कई बड़े मुद्दों पर चर्चा होने वाली है। रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत और इटली अपने संबंधों को स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप तक बढ़ाने की तैयारी में हैं।
इस दौरे का एक बड़ा उद्देश्य भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक कॉरिडोर IMEC परियोजना को आगे बढ़ाना भी है। यह परियोजना भारत को यूरोप से जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण व्यापारिक और रणनीतिक पहल मानी जा रही है। दोनों देशों के बीच व्यापार को 2029 तक लगभग 20 बिलियन यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री मोदी इस यात्रा के दौरान इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मैटारेला से भी मुलाकात करेंगे। इसके अलावा कृषि, शिक्षा, समुद्री परिवहन और खनिज क्षेत्रों में कई समझौतों पर हस्ताक्षर होने की संभावना है।
बता दें कि, यह रोम दौरा प्रधानमंत्री मोदी के पांच देशों के लंबे विदेश दौरे का आखिरी पड़ाव है। इससे पहले उन्होंने नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड और आइसलैंड का दौरा किया था, जहां स्वच्छ ऊर्जा, निवेश, तकनीक और वैश्विक सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। भारत और इटली के बीच बढ़ती नजदीकी यूरोप में भारत की रणनीतिक स्थिति को और मजबूत करेगी। आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच व्यापार, रक्षा और तकनीकी साझेदारी में बड़े समझौते देखने को मिल सकते हैं।