प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने पांच देशों के दौरे के दूसरे चरण में नीदरलैंड पहुंचे, जहां उन्होंने हेग में प्रवासी भारतीय समुदाय को संबोधित किया। इस दौरान बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए और प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने भारत और नीदरलैंड की सांस्कृतिक पहचान को फूलों के माध्यम से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह नीदरलैंड ट्यूलिप के लिए प्रसिद्ध है, उसी तरह भारत कमल की पहचान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों फूल यह संदेश देते हैं कि सही वातावरण और पोषण मिलने पर सुंदरता और शक्ति दोनों विकसित होती हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में 16 मई का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि इसी दिन वर्ष 2014 में देश ने एक मजबूत सरकार को जनादेश दिया था। उन्होंने कहा कि उस फैसले के बाद भारत ने विकास की नई दिशा में तेजी से कदम बढ़ाए हैं। पीएम मोदी ने कहा कि देशवासियों का विश्वास उन्हें लगातार काम करने की प्रेरणा देता है।
पीएम मोदी ने दुनिया के सामने मौजूद चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी, युद्ध और ऊर्जा संकट जैसी परिस्थितियों ने वैश्विक व्यवस्था को प्रभावित किया है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकाला गया, तो दुनिया की बड़ी आबादी गरीबी की ओर बढ़ सकती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में भारत और नीदरलैंड भविष्य के लिए मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन तैयार करने की दिशा में मिलकर काम कर रहे हैं। उन्होंने दोनों देशों के बीच सहयोग को आने वाले समय में और मजबूत होने की उम्मीद जताई।