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पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से आम जनता पर बढ़ा बोझ, चार साल बाद हुआ इजाफा

सरकारी तेल कंपनियों ने चार साल बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगभग 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है, जिससे आम जनता पर महंगाई का दबाव बढ़ गया है। इंडस्ट्री सूत्रों के अनुसार कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण कंपनियों को भारी घाटा हो रहा है, जिसके चलते आगे भी दाम बढ़ सकते हैं। महंगाई का असर परिवहन लागत से लेकर रोजमर्रा की वस्तुओं तक दिखाई देने लगा है। पेट्रोल पंपों पर भीड़ और लोगों में नाराजगी देखने को मिली, जबकि नौकरीपेशा वर्ग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहा है।

By: Nivedita 
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पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने से आम जनता पर बढ़ा बोझ, चार साल बाद हुआ इजाफा

सरकारी तेल कंपनियों ने चार साल बाद पेट्रोल और डीजल की कीमतों में करीब 3 रुपये प्रति लीटर की बढ़ोतरी की है। हालांकि इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक आने वाले समय में कीमतों में और इजाफा हो सकता है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम बढ़ने से कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।

कंपनियों को हर महीने भारी घाटा

रिपोर्ट्स के अनुसार सरकारी तेल कंपनियों को हर महीने करीब 30,000 करोड़ रुपये तक का नुकसान हो रहा था। फिलहाल भी पेट्रोल पर लगभग 11 रुपये और डीजल पर करीब 39 रुपये प्रति लीटर का घाटा बताया जा रहा है, जिसे कम करने के लिए कीमतों में बदलाव किया गया है।

महंगाई का असर आम जीवन पर

ईंधन महंगा होने का सीधा असर महंगाई पर पड़ रहा है। ढुलाई लागत बढ़ने से राशन, फल-सब्जियों और रोजमर्रा की जरूरत की चीजों के दाम बढ़ने की संभावना है। इसका असर आम लोगों की बचत और मासिक बजट पर भी दिखाई दे रहा है।

पेट्रोल पंपों पर दिखी भीड़ और नाराजगी

दिल्ली-एनसीआर के आईटीओ, लक्ष्मी नगर, आईएनए, द्वारका, करोल बाग और मयूर विहार जैसे इलाकों में पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। कई लोग पुरानी दर पर ईंधन भरवाने पहुंचे, लेकिन बढ़ी कीमतों की जानकारी मिलने पर नाराजगी भी जताई।

नौकरीपेशा वर्ग पर सबसे ज्यादा असर

पेट्रोल की कीमत बढ़कर करीब 97.77 रुपये प्रति लीटर पहुंचने के बाद नौकरीपेशा और रोजाना निजी वाहन से यात्रा करने वाले लोग सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। नोएडा में काम करने वाले एक आईटी प्रोफेशनल ने बताया कि अब मेट्रो जैसे सार्वजनिक परिवहन विकल्प ज्यादा किफायती लग रहे हैं।

आने वाले दिनों में बढ़ सकता है दबाव

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव जारी रहा तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दाम और बढ़ सकते हैं, जिसका असर सीधे आम जनता की जेब पर पड़ेगा।

 

 

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