पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव के बीच तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बिधाननगर साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज की गई है। यह मामला कथित भड़काऊ भाषणों और चुनावी कार्यक्रमों के दौरान की गई टिप्पणियों से जुड़ा बताया जा रहा है।
शिकायत के अनुसार, अभिषेक बनर्जी ने 27 अप्रैल से 3 मई के बीच आयोजित कई चुनावी कार्यक्रमों में ऐसे बयान दिए, जिनसे सामाजिक तनाव और आपसी दुश्मनी बढ़ने का आरोप लगाया गया है। इन बयानों को सार्वजनिक शांति भंग करने वाला बताया गया है।
एफआईआर में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित टिप्पणियों का भी उल्लेख किया गया है। आरोप है कि इन बयानों के जरिए धमकी और भड़काऊ भाषा का उपयोग किया गया, जिससे राजनीतिक विवाद और गहरा गया है।
पुलिस ने यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की कई धाराओं के तहत दर्ज किया है, जिनमें दंगा भड़काने, नफरत फैलाने और गंभीर धमकी से संबंधित प्रावधान शामिल हैं। इसके साथ ही लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धाराएं भी जोड़ी गई हैं।
सामाजिक कार्यकर्ता राजीव सरकार द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत में कई भाषणों के वीडियो और ऑनलाइन लिंक को सबूत के तौर पर प्रस्तुत किया गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
इस FIR के बाद पश्चिम बंगाल का राजनीतिक माहौल और अधिक गरमा गया है। मामले को लेकर विभिन्न राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं और जांच के नतीजों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।