NEET-UG 2026 परीक्षा में पेपर लीक मामले की जांच के दौरान CBI ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार व्यक्ति पीवी कुलकर्णी को इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। वह मूल रूप से लातूर का रहने वाला है और पुणे में केमिस्ट्री टीचर के रूप में काम कर चुका है।
जांच एजेंसी के अनुसार, आरोपी परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े होने के कारण प्रश्न पत्र तक उसकी पहुंच थी। इसी का फायदा उठाकर उसने कथित रूप से परीक्षा से पहले प्रश्न और उत्तर छात्रों तक पहुंचाए।
CBI की जांच में खुलासा हुआ है कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में आरोपी ने अपनी सहयोगी मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर पुणे स्थित अपने घर पर कुछ छात्रों को इकट्ठा किया। यहां कथित रूप से उन्हें प्रश्न, विकल्प और सही उत्तर डिक्टेट किए गए, जिन्हें छात्रों ने लिख लिया। बाद में यह पाया गया कि ये प्रश्न असली NEET-UG 2026 पेपर से मेल खाते थे।
जांच के दौरान CBI ने देशभर में कई स्थानों पर छापेमारी की, जिसमें मोबाइल फोन, इलेक्ट्रॉनिक गैजेट और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं। इन सभी सामग्रियों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है।
लातूर में एक प्रमुख कोचिंग संस्थान से जुड़े मामलों की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने दो कोचिंग सेंटरों के CCTV फुटेज भी जब्त किए हैं, जिनकी मदद से पूरे नेटवर्क की कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
CBI इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि आगे और गिरफ्तारियां और बड़े खुलासे संभव हैं, जिससे परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।