भारत में श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा एवं श्रम संबंधों को व्यवस्थित करने के लिए अनेक श्रम कानून बनाए गए हैं। इन कानूनों का उद्देश्य श्रमिकों के लिए सुरक्षित कार्यदशा, उचित मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा तथा औद्योगिक विवादों का शांतिपूर्वक समाधान सुनिश्चित करना है।
