भारत में 2025 से कर्मचारियों के लिए एक खास सुविधा शुरू होने जा रही है, जिससे Employee Provident Fund (EPF) अकाउंट होल्डर्स को अपने पीएफ पैसे को एटीएम से निकालने का मौका मिलेगा। इस सुविधा का उद्घाटन जनवरी 2025 से होने जा रहा है, जिससे करीब 7 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स को बड़ी राहत मिल सकती है।
आपको बता दें कि अभी तक पीएफ के पैसे निकालने के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता था, लेकिन इस नई सुविधा से यह प्रक्रिया अत्यधिक सरल और् तेज हो जाएगी।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) ने अगले साल से एक नई सुविधा पेश करने का निर्णय लिया है। इस सुविधा के तहत पीएफ खाता धारक अब एटीएम मशीन से अपने पीएफ का पैसा आसानी से निकाल सकेंगे।
यह निकासी एक विशेष कार्ड के जरिए संभव होगी, जो पूरी तरह से डेबिट कार्ड की तरह काम करेगा। जिसपर श्रम मंत्रालय तेजी से काम कर रहा है, और उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी 2025 तक यह सेवा लागू हो सकती है।
अभी तक, EPFO से निकासी की प्रक्रिया में कई जटिलताएँ रही हैं। नौकरी से निकाले जाने या बेरोजगार होने के बाद ही व्यक्ति अपने पीएफ खाते से पैसे निकाल सकता है। इसके बाद भी, निकासी के पैसे को बैंक खाते में ट्रांसफर होने में 7 से 10 दिन लग जाते थे।
लेकिन एटीएम से सीधे पैसे निकालने की नई सुविधा से यह इंतजार समाप्त हो जाएगा। अब, EPFO के सदस्य अपने खाता से जुड़े विशेष कार्ड के जरिए सीधे एटीएम से पैसे निकाल सकेंगे, जो बिल्कुल सामान्य बैंक डेबिट कार्ड की तरह होगा। यह सुविधा न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि प्रक्रिया को भी अधिक सुगम और पारदर्शी बनाएगी।
वर्तमान में EPFO से पैसे निकालने के कुछ नियम हैं। उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति को नौकरी से निकाले जाने के बाद कम से कम एक महीने का समय हो चुका है, तो वह अपने पीएफ खाते का 75% तक निकाल सकता है।
अगर कोई व्यक्ति दो महीने से ज्यादा समय तक बेरोजगार रहता है, तो वह पूरा पीएफ बैलेंस निकालने का हकदार होता है। हालांकि, EPFO से पैसे निकालने की प्रक्रिया काफी लंबी होती है, और इसमें काफी समय भी लगता है।
नई सुविधा के तहत, इन सभी पुराने नियमों को ध्यान में रखते हुए, अब निकासी की प्रक्रिया बहुत आसान और तेज हो जाएगी। कर्मचारियों को अपने पैसे के लिए लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा, क्योंकि एटीएम से निकासी की प्रक्रिया काफी सरल और तुरंत होगी।
EPFO के नए IT सिस्टम के बारे में जानकारी देते हुए, श्रम सचिव सुमिता डावरा ने बताया कि श्रम मंत्रालय इस दिशा में कई सुधार कर रहा है। मंत्रालय का लक्ष्य EPFO के IT सिस्टम को आधुनिक बनाना है, ताकि क्लेम प्रोसेस को तेज किया जा सके और EPFO के सदस्यों को बेहतरीन सेवा मिल सके।
इसके तहत, EPFO के IT इंफ्रास्ट्रक्चर को बैंकिंग सिस्टम के बराबर लाया जाएगा। इससे दावेदार, लाभार्थी और बीमित व्यक्ति बिना किसी मानवीय हस्तक्षेप के अपने पीएफ फंड तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
इसके अलावा, EPFO इस नए IT सिस्टम के माध्यम से गैर-जरूरी प्रक्रियाओं को समाप्त करेगा, जिससे क्लेम प्रक्रिया को तेज किया जा सके। यह बदलाव EPFO के पूरे कामकाजी ढांचे को सरल और पारदर्शी बनाने में मदद करेगा।
सुमिता डावरा ने यह भी बताया कि श्रम मंत्रालय भविष्य में कई और सुधार योजनाओं को लागू करने की दिशा में काम कर रहा है। इनमें से एक महत्वपूर्ण सुधार GIG और प्लेटफॉर्म वर्कर्स को EPF के लाभ में शामिल करना है, जो अब तक इसके दायरे से बाहर थे। इन सुधारों से यह सुनिश्चित होगा कि हर श्रमिक को सामाजिक सुरक्षा का लाभ मिले, चाहे वह किसी भी क्षेत्र में काम करता हो।
हालांकि, अभी यह पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है कि एटीएम से निकासी की राशि कितनी होगी, लेकिन खबरों के अनुसार यह सीमा कुल जमा का 50% तक हो सकती है। इसका मतलब यह होगा कि उपभोक्ता अपने EPF खाते से 50% तक की राशि एटीएम से निकाल सकते हैं।
इसके अलावा, अधिक राशि निकालने के लिए वे ऑनलाइन या अन्य माध्यमों से क्लेम कर सकते हैं, और प्रक्रिया को और भी तेज किया जाएगा।
EPFO का यह कदम भारतीय कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकता है। वर्तमान में पीएफ से निकासी के लिए लंबी प्रक्रिया और समय लगता है, लेकिन इस नई सुविधा से न केवल निकासी में तेजी आएगी, बल्कि कर्मचारियों को अपनी मेहनत की कमाई को तुरंत और आसानी से प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा। साथ ही, इस सिस्टम के जरिए EPFO के सब्सक्राइबर्स को अधिक पारदर्शिता और आसानी से सेवा मिल सकेगी।
This Post is written by Abhijeet Kumar yadav