सिंगरौली जिले में स्थित एनटीपीसी विंध्याचल परियोजना से निकलने वाली फ्लाई ऐश (राखड़) के परिवहन में गंभीर लापरवाही सामने आ रही है। आरोप है कि संबंधित परिवहन कंपनियों और राख उपयोगिता विभाग की अनदेखी के कारण राखड़ सड़कों के किनारे गिर रही है, जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
तेलगवां, कोटा बस्ती, खड़िया मार्ग और एनटीपीसी सिंगरौली के एचआर ऑफिस के सामने सड़क किनारे बड़ी मात्रा में राखड़ देखी गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भारी वाहन बिना उचित सुरक्षा व्यवस्था के ओवरलोड होकर गुजरते हैं, जिससे राख रास्ते में ही गिर जाती है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि राख उपयोगिता विभाग के जिम्मेदार अधिकारी नियमित निगरानी नहीं कर रहे हैं, जिसके चलते परिवहन में लगे वाहन चालक मनमानी कर रहे हैं। इससे न केवल सड़कें गंदी हो रही हैं, बल्कि दुर्घटना का खतरा भी बढ़ गया है।
सड़क किनारे जमा राखड़ हवा चलने पर उड़कर आसपास के घरों तक पहुंच रही है, जिससे प्रदूषण बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर भी गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
स्थानीय निवासियों ने मध्यप्रदेश और उत्तरप्रदेश जिला प्रशासन से मांग की है कि मामले की गंभीर जांच की जाए और संबंधित परिवहन कंपनियों व जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। लोगों का आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है।