उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 15 मई 2026 को नेपाल को लेकर बड़ा बयान दिया। महाराजगंज में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान उन्होंने भारत और नेपाल के रिश्तों को लेकर कहा कि दोनों देशों के बीच केवल राजनीतिक संबंध नहीं, बल्कि रोटी-बेटी का रिश्ता है। यह बयान ऐसे समय आया है जब भारत-नेपाल सीमा और कूटनीतिक मुद्दों को लेकर चर्चाएं तेज हैं।
सीएम योगी ने कहा कि भारत और नेपाल सदियों पुरानी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत साझा करते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के लोगों के बीच गहरा भावनात्मक जुड़ाव है और सीमावर्ती क्षेत्रों में रहने वाले परिवार एक-दूसरे से सीधे जुड़े हुए हैं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि भारत और नेपाल के नागरिक बिना किसी विशेष रोक-टोक के एक-दूसरे के यहां आते-जाते हैं, जो दोनों देशों के भरोसे और मित्रता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने महाराजगंज में 208 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों का विकास सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सुरक्षा, सड़क, पर्यटन और धार्मिक स्थलों के विकास को लेकर भी कई योजनाओं का जिक्र किया। योगी आदित्यनाथ ने कहा कि नेपाल से सटे क्षेत्रों में विकास बढ़ने से व्यापार, पर्यटन और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
इससे पहले भी मुख्यमंत्री योगी नेपाल की मौजूदा परिस्थितियों को लेकर टिप्पणी कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि छोटी समस्याओं को नजरअंदाज करना आगे चलकर बड़े संकट का कारण बन सकता है। उनके अनुसार, नेपाल की स्थिति इस बात का उदाहरण है कि समय रहते सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों पर ध्यान देना कितना जरूरी होता है।
योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद राजनीतिक और कूटनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका बयान भारत-नेपाल संबंधों को मजबूत बनाए रखने और सीमा क्षेत्रों में स्थिरता बनाए रखने का संदेश देता है। हालांकि मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में किसी विवादित टिप्पणी से बचते हुए दोनों देशों की साझी संस्कृति, सहयोग और मित्रता पर जोर दिया।