बड़वानी जिले में शनिश्चरी अमावस्या के अवसर पर पूरे क्षेत्र में धार्मिक और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। अल सुबह से ही नर्मदा घाटों और शनि मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। भक्तों ने नर्मदा में स्नान कर भगवान शनिदेव को तेल, काले वस्त्र, तिल और उड़द अर्पित कर सुख-समृद्धि और शांति की कामना की।
जिले के विभिन्न नर्मदा तटों पर श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई और “नर्मदे हर” व “जय शनिदेव” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय बना दिया। स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने मंदिरों में पूजा-अर्चना कर अपने परिवार की खुशहाली की प्रार्थना की। कई स्थानों पर भंडारे और प्रसादी वितरण का भी आयोजन किया गया।
राजघाट नर्मदा तट पर सुबह से ही स्नान और दान के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान के बाद त्रिवेणी पूजन किया और श्री दत्त मंदिर में आरती में भाग लिया। इसके अलावा सिद्धेश्वर महादेव, गुप्तेश्वर महादेव और नागेश्वर महादेव मंदिरों में भी विशेष पूजा-अर्चना हुई।
अंजड़ नाका स्थित शनिदेव मंदिर में शनि जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं ने तेल, तिल, उड़द, फल और फूल अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिरों में दिनभर महाआरती और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन चलता रहा।
अंजड़ क्षेत्र सहित आसपास के नर्मदा घाटों जैसे अग्नेश्वर घाट, मोहिपुरा, दतवाड़ा और लोहारा में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। गर्मी को देखते हुए अधिकतर लोग तड़के ही स्नान के लिए पहुंच गए। दिनभर धार्मिक गतिविधियों का क्रम जारी रहा।
स्नान के बाद श्रद्धालुओं ने घाट किनारे स्थित मंदिरों में नर्मदा जल से अभिषेक किया। कई स्थानों पर कन्या पूजन और कन्या भोज का आयोजन किया गया, वहीं भंडारों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसादी ग्रहण की। पूरा क्षेत्र दिनभर भक्ति और आस्था के रंग में रंगा रहा।