बड़वानी शहर में जलकर और संपत्तिकर में बढ़ोतरी को लेकर नागरिकों में गहरी नाराजगी देखने को मिल रही है। एक ओर जहां लोगों को सीमित समय तक ही पानी की आपूर्ति मिल रही है, वहीं दूसरी ओर नगर पालिका द्वारा टैक्स बढ़ाए जाने से जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ गया है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि शहर के कई वार्डों में एक दिन छोड़कर जल आपूर्ति की जा रही है, जिसके चलते लोगों को महीने में लगभग 15 दिन ही पानी मिल पाता है। इसके बावजूद जलकर को 100 रुपए से बढ़ाकर 150 रुपए कर दिया गया है, जो करीब 50 प्रतिशत वृद्धि है।
मप्र उपभोक्ता हितैषी मंच ने नगर पालिका के खिलाफ ज्ञापन सौंपकर जलकर और संपत्तिकर में की गई बढ़ोतरी को वापस लेने की मांग की है। संगठन का कहना है कि बिना मूलभूत सुविधाएं सुधारे टैक्स बढ़ाना जनता के साथ अन्याय है।
नगर पालिका में नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने आरोप लगाया कि परिषद बैठक में विपक्ष ने टैक्स वृद्धि का विरोध किया था, लेकिन इसके बावजूद प्रस्ताव लागू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि मामूली सुधार के बजाय सीधे भारी बढ़ोतरी जनता पर बोझ है।
कई वार्डों में सिवरेज कार्य के चलते नलों से गंदा और बदबूदार पानी आने की शिकायतें भी सामने आई हैं। नागरिकों का कहना है कि इससे बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है और स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा।
लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि जलकर और संपत्तिकर में की गई बढ़ोतरी को तत्काल वापस लिया जाए और पहले जल आपूर्ति व्यवस्था को सुधारा जाए।