सहयोग सम्मेलन से निवेश, निर्यात, ओडीओपी, शिल्प और पर्यटन को मिलेगी नई गति। अंतर्राज्यीय सहयोग का नया मॉडल गढ़ेगा एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन।
सहयोग सम्मेलन से निवेश, निर्यात, ओडीओपी, शिल्प और पर्यटन को मिलेगी नई गति। अंतर्राज्यीय सहयोग का नया मॉडल गढ़ेगा एमपी-यूपी सहयोग सम्मेलन।
सीवरेज कंपनी के काम से नाराज जनता में आक्रोश नजर आया। स्थानीय लोगों ने सीवरेज कंपनी के इंजीनियर को मौके पर खरी खोटी सुनाई। वहीं नगर की जनता में आक्रोश को देखते हुए इंजीनियर समझाइश देते नजर आया।
सभी यात्रियों को भाजपा जिलाध्यक्ष एवं जिला प्रशासन के अधिकारियों द्वारा पुष्पमाला पहनाकर स्वागत कर तीर्थ दर्शन के लिए रवाना किया। यह सभी यात्री 4 अप्रैल को वापस लौटेंगे।
जयभान सिंह पवैया ने आलोचना करने वालों को ‘बौद्धिक दरिद्र’ बताते हुए कहा कि सिंधिया उनके घर और गांव भी आ चुके हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर चाय पर मुलाकात हो जाए, तो क्या “पहाड़ टूट पड़ता है?”
प्रदर्शनकारियों ने ईंधन की बढ़ती कीमतों और बाजार में इसकी अपर्याप्त उपलब्धता को सरकार की बड़ी विफलता करार दिया।
पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई विवाह एवं निकाह की सभी रस्में। कृषि उपज मंडी तुकईथड़ में संपन्न हुआ सामूहिक विवाह समारोह।
विधायक कविता प्राण लहरे ने कहा कि हम लोग पहलीबार जीतकर आए हैं जनता ने बहुत आशा और विश्वास के साथ बहुत कम उम्र में सेवा करने का मौका दिया। जनता की समस्याओं को किस तरह से हमे सदन में उठाना है, शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, नहर आदि के क्षेत्र में कैसे हम काम कर सके जिससे जनता की भलाई हो सके।
सीएम डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लोकतंत्र की परंपरा में युवा विधायकों को टिप्स देकर उनके संसदीय जीवन को और गहरा करने का प्रयास किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री सभी युवा विधायकों को दीर्घ जीवन के लिए सफलता की कामना की।
महंगाई के अलावा, कांग्रेस ने शिक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। कार्यकर्ताओं ने स्थानीय सांदीपनी विद्यालय के खराब परीक्षा परिणाम पर गहरी नाराजगी जताई और जिम्मेदार शिक्षकों के तत्काल स्थानांतरण की मांग की।
आश्रम में रह रहे वृद्धजनों का हेल्थ चेकअप, ब्लड टेस्ट और दवाओं का निशुल्क वितरण भी किया गया।
मंडी प्रशासन के अनुसार इस सप्ताह सौंफ की आवक रिकार्ड1865 बोरी में अनुमानित वजन 1 हजार क्विंटल से अधिक रही। बारीक सौंफ का भाव 20हजार रुपए, तो मोटी सौंफ 6 हजार रुपए प्रति क्विंटल तक बिकी।
हाल ही में मंत्री के बुधनी दौरे के दौरान इस स्थल की स्थिति सामने आई, जिसके बाद उन्होंने इसके विकास का संकल्प लिया। मंत्री पटेल ने स्थल पर पहुंचकर चल रहे कार्यों का निरीक्षण किया और मां नर्मदा की पूजा-अर्चना कर चुनरी अर्पित की।
सुरक्षाकर्मियों को फायर एक्सटिंग्विशर के रखरखाव, नियमित जांच और समय पर उपयोग की बारीकियां भी सिखाई गईं, ताकि आपात स्थिति में त्वरित कार्रवाई संभव हो सके।