भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्र सरकार की नीतियों और देश में हुए विभिन्न बदलावों को लेकर अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी का राजनीतिक सफर भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। मुख्यमंत्री ने गठबंधन की राजनीति से लेकर पूर्ण बहुमत की सरकार, जनकल्याणकारी योजनाओं, डिजिटल भुगतान, ऊर्जा सुरक्षा और आधुनिक तकनीक के क्षेत्र में भारत की पहलों का उल्लेख किया।
नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर पर क्या बोले CM मोहन यादव?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नरेंद्र मोदी के राजनीतिक सफर का उल्लेख करते हुए कहा कि गुजरात से निकलकर उन्होंने राष्ट्रीय राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने वर्ष 2013 में नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किए जाने और वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा की जीत को भारतीय राजनीति का महत्वपूर्ण मोड़ बताया।मुख्यमंत्री के अनुसार, वर्ष 1989 से 2013 के बीच केंद्र की राजनीति में गठबंधन सरकारों का दौर प्रमुख रहा। ऐसे राजनीतिक माहौल में भाजपा द्वारा नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित करना एक महत्वपूर्ण निर्णय था। उन्होंने कहा कि जनता ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर विश्वास जताया और वर्ष 2014 में भाजपा ने पूर्ण बहुमत हासिल किया।
जनकल्याणकारी योजनाओं का किया उल्लेख
डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना सहित विभिन्न जनकल्याणकारी पहलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि देश में लगभग 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराने की व्यवस्था गरीबों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।उन्होंने जनधन योजना, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, पीएम स्वनिधि और उज्ज्वला योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि इन पहलों के माध्यम से करोड़ों लोगों तक विभिन्न सुविधाएं पहुंचाने का प्रयास किया गया है।मुख्यमंत्री ने जीएसटी, नोटबंदी, तीन तलाक से संबंधित कानून और नई न्याय संहिता जैसे निर्णयों का भी उल्लेख किया। उनके अनुसार, इन कदमों ने देश की आर्थिक, प्रशासनिक और कानूनी व्यवस्थाओं में बदलाव की दिशा में भूमिका निभाई है।
कानूनों में सुधार और प्रशासनिक व्यवस्था पर जोर
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा विभिन्न राज्यों में कानूनों के क्रियान्वयन की समीक्षा का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि नीतियों और कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन पर ध्यान देना भी शासन व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है।डॉ. यादव ने जनविश्वास अधिनियम के तहत मध्यप्रदेश में लगभग 900 अनुपयोगी कानूनों को समाप्त करने की दिशा में किए गए प्रयासों का जिक्र किया। इसके अलावा उन्होंने योजना आयोग के स्थान पर नीति आयोग के गठन, प्रगति मंच, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और पीएम गतिशक्ति योजना को प्रशासनिक समन्वय तथा परियोजनाओं की समीक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण पहलों के रूप में प्रस्तुत किया।
डिजिटल भुगतान में भारत की भूमिका
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने डिजिटल तकनीक और यूपीआई के विस्तार पर भी बात की। उन्होंने कहा कि डिजिटल लेन-देन के क्षेत्र में भारत ने वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बनाई है।उन्होंने डिजिटल भुगतान में भारत की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत होने का उल्लेख किया। उनके मुताबिक, डिजिटल भुगतान की व्यवस्था ने आर्थिक गतिविधियों को गति देने और लेन-देन को सुविधाजनक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
ऊर्जा सुरक्षा और आधुनिक तकनीक पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कहा कि ऊर्जा सुरक्षा देश की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने रिफाइनरी परियोजनाओं और ऊर्जा अवसंरचना के विकास का उल्लेख करते हुए इन्हें देश की ऊर्जा संबंधी आवश्यकताओं से जुड़ा महत्वपूर्ण क्षेत्र बताया।इसके साथ ही उन्होंने इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन, राष्ट्रीय क्वांटम मिशन और इंडिया एआई मिशन जैसी पहलों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में किए जा रहे प्रयास भारत को भविष्य की तकनीकों के विकास और उपयोग के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण हैं।
स्टार्टअप से युवाओं को मिल रहे अवसर
डॉ. मोहन यादव ने देश में दो लाख से अधिक स्टार्टअप होने का उल्लेख करते हुए कहा कि उद्यमिता युवाओं को नए अवसर प्रदान कर रही है। स्टार्टअप के माध्यम से युवा अपने व्यावसायिक विचारों को आगे बढ़ाने और रोजगार के नए अवसर विकसित करने की दिशा में काम कर रहे हैं।मुख्यमंत्री के बयान में जनकल्याणकारी योजनाओं, प्रशासनिक सुधारों, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और आधुनिक तकनीक को देश के विकास से जुड़े प्रमुख विषयों के रूप में रेखांकित किया गया।