बुधनी : मध्य प्रदेश के सीहोर जिले की बुधनी विधानसभा के कोसमी गांव में बारेला आदिवासी समुदाय के परिवारों के मकान तोड़े जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। वन विकास निगम और प्रशासन की कार्रवाई में करीब 12 आदिवासी परिवारों के घरों को नुकसान पहुंचने का दावा किया गया है। प्रभावित परिवारों की फसल नष्ट होने और कुएं को मिट्टी से भरने की बात भी सामने आई है।
शिवराज सिंह चौहान ने जताया विरोध
केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान रविवार को कोसमी गांव पहुंचे। उन्होंने प्रभावित आदिवासी परिवारों से मुलाकात की और कार्रवाई पर नाराजगी जताई। खबर के मुताबिक, शिवराज सिंह चौहान विरोध में धरने पर भी बैठे।उन्होंने कहा कि उनके मना करने के बावजूद कार्रवाई की गई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा कि इस मामले में जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए और प्रभावित परिवारों को न्याय मिलना चाहिए।
आदिवासी परिवारों के घर तोड़े जाने पर सियासी विवाद
कोसमी गांव में हुई कार्रवाई को लेकर प्रदेश की राजनीति में भी हलचल है। कांग्रेस ने इस मामले पर राज्य सरकार को घेरा है। वहीं, शिवराज सिंह चौहान की नाराजगी के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया है।प्रभावित परिवारों के मकानों के साथ खेतों में खड़ी फसल और कुएं को हुए नुकसान के आरोपों ने भी कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े किए हैं। मामले में कार्रवाई के आधार, प्रभावित परिवारों के अधिकारों और प्रशासन की जवाबदेही को लेकर स्थिति स्पष्ट होना बाकी है।
मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे को लेकर चर्चा
इस मामले के बीच मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दिल्ली तलब किए जाने का दावा किया जा रहा है। खबर में बताया गया है कि मुख्यमंत्री शाम को दिल्ली के लिए रवाना हो सकते हैं। हालांकि, मुख्यमंत्री को तलब किए जाने और दौरे के आधिकारिक कारण की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है।फिलहाल कोसमी गांव में आदिवासी परिवारों के घरों पर हुई कार्रवाई को लेकर विवाद जारी है। अब इस मामले में राज्य सरकार और संबंधित प्रशासन की ओर से आने वाला आधिकारिक पक्ष महत्वपूर्ण होगा।