भोपाल: मध्यप्रदेश के विदिशा जिले में धान की फसल पर मंडरा रहे संकट को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। पटवारी के अनुसार, जिले में करीब 76 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में लगी धान की फसल पानी की कमी के कारण प्रभावित होने के कगार पर है। उन्होंने हलाली बांध से नहरों के माध्यम से सिंचाई के लिए पानी छोड़ने की मांग उठाई है।
जीतू पटवारी ने अपने पत्र में दावा किया कि विदिशा जिले की कई तहसीलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। उनके मुताबिक, विदिशा तहसील में 29 प्रतिशत, गुलाबगंज में 42 प्रतिशत, कुरवाई में 31 प्रतिशत और शमशाबाद में 30 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। बारिश की कमी के कारण किसानों को धान की फसल बचाने के लिए सिंचाई के पानी की जरूरत है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हलाली बांध में 231.87 मिलियन घनमीटर पानी उपलब्ध है और जलस्तर 459.29 मीटर है, जबकि पूर्ण जलभराव स्तर 459.61 मीटर बताया गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि उपलब्ध जल के बावजूद किसानों को राहत देने के लिए समय पर निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा है।
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि हलाली बांध से पानी छोड़ने के संबंध में तकनीकी समीक्षा कर समयबद्ध निर्णय लिया जाए। इसके साथ ही नहरों की मरम्मत, रबी की सिंचाई के लिए वैकल्पिक व्यवस्था और प्रभावित गांवों में फसल नुकसान का सर्वे कराया जाए।उन्होंने पात्र किसानों को नियमानुसार मुआवजा और राहत देने के साथ जिला प्रशासन, सिंचाई विभाग तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की भी मांग की।
पटवारी ने ‘कृषि कल्याण वर्ष’ के दौरान किसानों की फसल पर संकट को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसानों को वास्तविक राहत तभी मिलेगी, जब समय पर खेतों तक पानी पहुंचेगा।कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर आवश्यक कदम उठाने की अपील की, ताकि किसान अपनी धान की फसल बचा सकें। यह मांग फिलहाल जीतू पटवारी द्वारा उठाई गई है; हलाली बांध से पानी छोड़ने के संबंध में सरकार के निर्णय की जानकारी अलग से सामने आना बाकी है।