भोपाल: मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने बुदनी के कोसमी गांव में वन विभाग की कार्रवाई के दौरान आदिवासी परिवारों के साथ कथित अन्याय का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से जवाब मांगा है। उन्होंने प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की।
शिवराज सिंह चौहान के बयान के बाद सरकार से सवाल
जीतू पटवारी ने कहा कि प्रदेश में भाजपा की सरकार है और प्रशासन सरकार के अधीन काम करता है। ऐसे में आदिवासी परिवारों के साथ हुई कार्रवाई की जिम्मेदारी से सरकार बच नहीं सकती। उन्होंने कहा कि जनता को केवल बयान नहीं, बल्कि जवाब और पीड़ित परिवारों को न्याय चाहिए।पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की ओर से मामला उठाए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री से स्पष्ट करने की मांग की कि कोसमी गांव में क्या हुआ और वन विभाग ने किन आदेशों के तहत कार्रवाई की।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि क्या प्रभावित परिवारों के अधिकारों और कानूनी दावों की उचित जांच की गई थी। उन्होंने मांग की कि यदि कार्रवाई में नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवारों की क्षति का आकलन कराने, पात्र परिवारों को उचित मुआवजा देने और सुरक्षित पुनर्वास सुनिश्चित करने की भी मांग की।
वनाधिकार कानून पर पारदर्शी जानकारी मांगी
जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री से वनाधिकार कानून के तहत आदिवासी परिवारों के दावों की स्थिति स्पष्ट करने को कहा। उन्होंने मांग की कि सरकार लंबित दावों, स्वीकृत अधिकारों और अधिकारों की प्रतीक्षा कर रहे परिवारों से संबंधित आंकड़े सार्वजनिक करे।
केन-बेतवा परियोजना के प्रभावितों का मुद्दा भी उठाया
पटवारी ने पन्ना जिले में केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित परिवारों के मुआवजे और पुनर्वास का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि विकास परियोजनाओं से प्रभावित पात्र परिवारों को नियमानुसार मुआवजा, सुरक्षित पुनर्वास और आजीविका की सुरक्षा मिलनी चाहिए।
अन्य मुद्दों पर भी सरकार से जवाब की मांग
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने ओबीसी आरक्षण, किसानों के न्यूनतम समर्थन मूल्य, खाद की उपलब्धता, बढ़ते कर्ज, भ्रष्टाचार और प्रशासनिक जवाबदेही जैसे मुद्दों पर भी सरकार से जवाब मांगा।उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से कोसमी मामले की जांच और कार्रवाई की स्थिति सार्वजनिक करने की मांग की। पटवारी के मुताबिक, सरकार की प्राथमिकता प्रभावित आदिवासी परिवारों को राहत दिलाना और उनके अधिकारों की रक्षा करना होनी चाहिए।