भोपाल। मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड ने प्रदेश में वक्फ संपत्तियों के डिजिटलीकरण, सुरक्षा, राजस्व वृद्धि और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में किए गए कार्यों का विवरण जारी किया है। बोर्ड के अनुसार, प्रदेश की करीब 14,962 वक्फ संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन के लिए रिकॉर्ड ऑनलाइन करने, भौतिक सत्यापन और किराया व्यवस्था में पारदर्शिता लाने जैसे कदम उठाए गए हैं। शिक्षा और सामाजिक सहायता के लिए भी करोड़ों रुपये खर्च किए जाने की जानकारी दी गई है।
2,836 विद्यार्थियों को मिली छात्रवृत्ति
शिक्षा के क्षेत्र में बोर्ड ने ‘पढ़ो-पढ़ाओ और राष्ट्र निर्माण में सहयोगी बनो’ योजना के तहत 2,836 मेधावी छात्र-छात्राओं को कुल 2 करोड़ 2 लाख 4 हजार रुपये की छात्रवृत्ति वितरित करने की जानकारी दी है। इसके अलावा, भोपाल स्थित यतीमखाना शाहजहांनी की किराया आय से अनाथ बच्चों की शिक्षा में सहयोग किया जा रहा है।
वक्फ संपत्तियों से आय बढ़ने का दावा
बोर्ड की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2023-24 में वक्फ संपत्तियों से कुल आय 4 करोड़ 61 लाख 96 हजार रुपये से अधिक थी। यह राशि वर्ष 2025-26 में बढ़कर करीब 5 करोड़ 95 लाख 52 हजार रुपये हो गई। बोर्ड ने इस अवधि में लगभग 1 करोड़ 34 लाख रुपये की वृद्धि दर्ज होने का दावा किया है।
कृषि भूमि की नीलामी से भी राजस्व
वक्फ बोर्ड ने कृषि भूमि की नीलामी को राजस्व बढ़ाने की दिशा में अहम कदम बताया है। जारी जानकारी के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 में कृषि भूमि की नीलामी से 1 करोड़ 23 लाख रुपये से अधिक की आय हुई। वहीं, वर्ष 2026-27 में अब तक 1 करोड़ 62 लाख रुपये से अधिक की आय होने की बात कही गई है।
विधवाओं और धार्मिक संस्थानों को आर्थिक सहायता
सामाजिक कल्याण के तहत बोर्ड ने विधवाओं, तलाकशुदा महिलाओं और धार्मिक संस्थानों को आर्थिक सहायता देने की जानकारी दी है। बोर्ड के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में 422 महिलाओं को 25 लाख 42 हजार रुपये से अधिक की सहायता दी गई। इसके अलावा, इमामों, मुअज्जिनों, मस्जिदों और मदरसों को मिलाकर करीब 48 लाख रुपये का अनुदान वितरित किया गया।
रिकॉर्ड डिजिटलीकरण और संपत्तियों की सुरक्षा पर जोर
बोर्ड के अनुसार, वक्फ संपत्तियों के रिकॉर्ड ऑनलाइन करने के साथ भौतिक सत्यापन, प्रबंध समितियों के गठन के लिए नए प्रारूप और किराया निर्धारण व्यवस्था में बदलाव जैसे कदम भी उठाए गए हैं। इन पहलों का उद्देश्य संपत्तियों के प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ाना, अवैध कब्जों पर रोक लगाना और प्रशासनिक व्यवस्था को बेहतर बनाना बताया गया है।
बकाया मामलों और सामाजिक अभियानों का भी उल्लेख
वक्फ बोर्ड ने भोपाल, उज्जैन, सागर और इंदौर में संपत्तियों से जुड़े बकाया मामलों में कार्रवाई का भी उल्लेख किया है। हालांकि, संबंधित पक्षों के जवाब, वास्तविक वसूली और मामलों की मौजूदा स्थिति के विस्तृत आंकड़े सामने आना बाकी है।इसके अतिरिक्त, बोर्ड ने योग कार्यक्रमों, रक्तदान शिविरों, पौधरोपण और स्वच्छता अभियानों में भागीदारी की जानकारी भी साझा की है।
वास्तविक परिणामों पर रहेगी नजर
मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनव्वर पटेल के अनुसार, बोर्ड ने संपत्तियों के बेहतर प्रबंधन, राजस्व वृद्धि और सामाजिक कल्याण के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं। इन पहलों की प्रभावशीलता का आकलन वास्तविक राजस्व वसूली, संपत्तियों की सुरक्षा, बकाया मामलों के निपटारे और जरूरतमंद लाभार्थियों तक सहायता पहुंचने के आधार पर किया जा सकेगा।