सीहोर में मंडी शुल्क वृद्धि के विरोध में गल्ला मंडी व्यापारी एसोसिएशन ने मंडी बंद कर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग की। मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
सीहोर में मंडी शुल्क वृद्धि के विरोध में गल्ला मंडी व्यापारी एसोसिएशन ने मंडी बंद कर प्रदर्शन किया। व्यापारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर शुल्क वृद्धि वापस लेने की मांग की। मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
बुरहानपुर में एक व्यक्ति पर गांव-गांव जाकर मुफ्त शराब बांटने और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर डालने के आरोप लगे हैं। ग्रामीणों ने इसे युवाओं को नशे की ओर धकेलने वाला बताते हुए कलेक्टर से कार्रवाई की मांग की है। आबकारी विभाग ने मामले की जांच के बाद उचित कार्रवाई की बात कही है।
उज्जैन में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने निर्माणाधीन पुलिस क्वार्टर्स का निरीक्षण कर कार्य की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा की। घुड़सवार पुलिस दल की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया गया और सुधार के निर्देश दिए गए। पुलिस कर्मियों की सुविधाओं और सुरक्षा संसाधनों को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
सिंगरौली में कलेक्टर गौरव बैनल ने दिव्यांगजनों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए बैठक की और प्रशिक्षण व रोजगार योजनाओं की जानकारी दी। प्रशासन द्वारा क्यूआर कोड आधारित संवाद सुविधा और दिव्यांग विद्यालय के पुनः संचालन की योजना पर भी काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य दिव्यांगजनों को मुख्यधारा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है।
पलेरा थाना परिसर में आगामी त्योहारों को लेकर शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। थाना प्रभारी प्रीति भार्गव ने नागरिकों से शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से त्योहार मनाने की अपील की। बैठक में जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और नागरिकों ने भाईचारे के साथ त्योहार मनाने का संकल्प लिया।
बल्देवगढ़ में अपेक्स बैंक प्रशासक महेंद्र सिंह यादव का भाजपा प्रदेश प्रवक्ता अजय सिंह यादव के नेतृत्व में स्वागत किया गया। उन्होंने किसानों और ग्रामीणों से सहकारी समितियों की सदस्यता बढ़ाने का आह्वान किया। कार्यक्रम में सहकारिता को मजबूत बनाने और क्षेत्रीय समस्याओं के समाधान पर चर्चा हुई।
भोपाल की प्रोफेसर्स कॉलोनी में शराब दुकान हटाने की मांग को लेकर एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान छात्रों ने बैरिकेड्स तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जबकि प्रशासन ने मामले की समीक्षा कर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
भोपाल में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उनके परिवार पर जमीन खरीद को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कांग्रेस ने दावा किया है कि विकास परियोजनाओं वाले क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदी गई और पूरे मामले की न्यायिक जांच की मांग की है। फिलहाल भाजपा की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
उज्जैन में मारपीट और जातिसूचक गाली-गलौज के मामले को लेकर बलाई समाज के लोगों ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर निष्पक्ष जांच और सभी आरोपियों पर कार्रवाई की मांग की है। समाजजनों का आरोप है कि मामले में शामिल सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
मध्यप्रदेश भाजपा ने प्रदेश कार्यसमिति की नई सूची जारी करते हुए 106 नेताओं को सदस्य बनाया है। इसके अलावा 41 नेताओं को स्थायी आमंत्रित सदस्य और विभिन्न संगठन पदाधिकारियों को विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। नई टीम को संगठन विस्तार और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
बालाघाट में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ और सहायक यंत्री को हटाने की मांग तेज हो गई है। 22 सदस्यों और अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से मिलने की तैयारी की है और वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं।
बुरहानपुर के खकनार ब्लॉक में शिक्षकों ने वेतन विसंगति का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। शिक्षकों का कहना है कि अन्य जिलों में पूर्ण वेतन मिल रहा है, जबकि यहां उन्हें इसका लाभ नहीं दिया जा रहा।
भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में शिक्षा, किसान और विकास से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए। स्कूल शिक्षा विभाग में 100% नामांकन लक्ष्य के तहत नए स्कूलों के उन्नयन को मंजूरी दी गई और किसानों के लिए सालभर शून्य प्रतिशत ब्याज पर कृषि ऋण उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। इसके अलावा कई विकास योजनाओं की निरंतरता को भी मंजूरी दी गई।
बालाघाट में राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा ने जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम शामिल करने की मांग को लेकर अंबेडकर चौक पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने नगर में रैली निकालकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा। मोर्चा ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
बुरहानपुर जिले में कॉलोनी को लेकर विवाद सामने आया है, जहां रहवासियों ने आरोप लगाया है कि आवासीय बताकर बेचे गए प्लॉटों में सड़क, पानी, बिजली और ड्रेनेज जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं दी गईं। लोगों का कहना है कि बिना जरूरी स्वीकृतियों और कॉलोनी लाइसेंस के प्लॉटिंग कर बिक्री की गई, जिससे उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मामले की शिकायत प्रशासन तक पहुंचने के बाद जांच