बालाघाट। जिले के लामता थाना क्षेत्र अंतर्गत राघोटोला के संगम घाट स्थित माइक्रो सिंचाई परियोजना के PH-2 प्लांट में हुई भीषण आगजनी के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। कंपनी के गार्ड की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सरपंच, जनपद सदस्य सहित 10 से 11 लोगों के खिलाफ रंगदारी, आगजनी, मारपीट और धमकी जैसी गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है।
पुलिस जांच के अनुसार, त्रिराज वेंचर्स प्राइवेट लिमिटेड के PH-2 प्लांट में तैनात गार्ड अतुल बघेले ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। शिकायत में बताया गया कि 1 जुलाई को ग्राम परतापुर के सरपंच राजेश सिरसाम, जनपद सदस्य भुवनेश्वर रजक, राकेश दमाहे सहित अन्य लोग प्लांट पहुंचे और प्रोजेक्ट मैनेजर से 10 लाख रुपये की कथित मांग की।
आरोप है कि रकम देने से इनकार करने पर आरोपियों ने विवाद बढ़ा दिया। इसी दौरान राकेश दमाहे कथित तौर पर पेट्रोल से भरी कैन लेकर आया और प्लांट में रखे पाइप, फिटिंग और अन्य सामग्री पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।

शिकायत में यह भी आरोप है कि आग बुझाने का प्रयास करने पर गार्ड अतुल बघेले पर भी पेट्रोल डालकर उसे जलाने की कोशिश की गई। इस घटना में उसके हाथ झुलस गए, हालांकि उसने किसी तरह खुद को बचाकर अपनी जान बचाई।
आगजनी की इस घटना में प्लास्टिक पाइप, एचडीपीई फिटिंग, वाल्व, पैनल, स्काडा सिस्टम और अन्य उपकरण सहित तीन कंटेनरों में रखा सामान पूरी तरह जल गया। कंपनी ने लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये के नुकसान का दावा किया है।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल दल मौके पर पहुंचे और आग पर काबू पाया गया। लामता पुलिस ने मामले में सरपंच, जनपद सदस्य समेत कई लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। फिलहाल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।