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पन्ना पुलिस ने व्यापारी पुत्र अपहरण कांड का किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

पन्ना पुलिस ने कपड़ा व्यापारी के पुत्र के अपहरण और 10 लाख रुपये की फिरौती मांगने के मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सोशल मीडिया पर युवक की महंगी जीवनशैली देखकर उसे निशाना बनाया था। पुलिस ने हथियार, बाइक और फिरौती के रूप में ट्रांसफर किए गए 1.48 लाख रुपये भी सुरक्षित करा लिए हैं।

By: Nivedita 
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पन्ना पुलिस ने व्यापारी पुत्र अपहरण कांड का किया खुलासा, तीन आरोपी गिरफ्तार

पन्ना। पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र में कपड़ा व्यापारी के 19 वर्षीय पुत्र के अपहरण और फिरौती मांगने के मामले का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए उनके कब्जे से एक देशी पिस्टल, दो देशी कट्टे, एक जिंदा कारतूस और घटना में प्रयुक्त दो मोटरसाइकिल बरामद की हैं।

10 लाख रुपये की फिरौती मांगकर किया था अपहरण

पुलिस के अनुसार, 27 जून 2026 को पवई के कपड़ा व्यापारी राजेश कुमार डेंगरे ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके 19 वर्षीय पुत्र अंशुल उर्फ कान्हा डेंगरे का अज्ञात बदमाशों ने अपहरण कर लिया है और उसकी रिहाई के लिए 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी जा रही है। शिकायत मिलते ही पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू के निर्देशन में गठित टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपहृत युवक को सुरक्षित बरामद कर परिजनों के सुपुर्द कर दिया था। हालांकि उस समय आरोपी फरार हो गए थे।

विशेष टीम ने तीनों आरोपियों को दबोचा

आरोपियों की तलाश के लिए विशेष पुलिस टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों, साइबर इनपुट और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार की।

 

सोशल मीडिया पर दिखावा बना अपहरण का कारण

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अंशुल उर्फ कान्हा सोशल मीडिया पर महंगे मोबाइल फोन और अपनी समृद्ध जीवनशैली से जुड़े फोटो और वीडियो साझा करता था। इसी आधार पर आरोपियों ने उसे आर्थिक रूप से संपन्न मानते हुए अपहरण की योजना बनाई और फिरौती मांगने का फैसला किया।

1.48 लाख रुपये की राशि पुलिस ने कराई सुरक्षित

जांच में सामने आया कि घटना के दौरान परिजनों ने डर के कारण आरोपी राजकमल रजक के बैंक खाते में 1 लाख 48 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। पुलिस और साइबर सेल ने तत्परता दिखाते हुए एनसीआरपी पोर्टल के माध्यम से उस राशि पर तत्काल होल्ड लगवा दिया, जिससे आरोपी रकम नहीं निकाल सके। पुलिस के अनुसार, न्यायालय के आदेश के बाद यह राशि पीड़ित परिवार को वापस दिलाई जाएगी।

न्यायिक अभिरक्षा में भेजे गए आरोपी

गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में उप जेल पवई भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

 

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