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दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, उज्जैन से अयोध्या तक निकालेंगे पदयात्रा

भोपाल में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने 2 अक्टूबर 2026 से उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा निकालने का ऐलान किया है। उन्होंने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा, चढ़ावे और जमीन संबंधी अनियमितताओं के आरोप उठाते हुए कहा कि यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी। संबंधित आरोपों पर अभी संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

By: Nivedita 
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दिग्विजय सिंह का बड़ा ऐलान, उज्जैन से अयोध्या तक निकालेंगे पदयात्रा

भोपाल। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर से जुड़े कथित चंदा और चढ़ावे में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि वे 2 अक्टूबर 2026 से बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन से राम नगरी अयोध्या तक पदयात्रा करेंगे। उनके अनुसार यह यात्रा पूरी तरह गैर-राजनीतिक होगी।

2 अक्टूबर से शुरू होगी पदयात्रा

दिग्विजय सिंह ने बताया कि उनकी पदयात्रा 2 अक्टूबर 2026 से शुरू होगी। उन्होंने कहा कि इस यात्रा का उद्देश्य राम मंदिर और मंदिरों से जुड़े कथित आर्थिक मामलों को लेकर अपनी बात जनता तक पहुंचाना है। उनका दावा है कि यात्रा में किसी भी राजनीतिक दल का झंडा नहीं होगा और इसमें भगवान श्रीराम में आस्था रखने वाला कोई भी व्यक्ति शामिल हो सकता है।

चंदा और चढ़ावे को लेकर लगाए आरोप

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने भी राम मंदिर निर्माण के लिए श्रद्धापूर्वक दो बार चंदा दिया था। उनका आरोप है कि मंदिर के चढ़ावे और अन्य मामलों को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि वे अदालत में अपना चंदा वापस लेने का दावा करेंगे और वह राशि रामालय ट्रस्ट को देने की बात भी कही।

 

आवास के बाहर लगाए पोस्टर

भोपाल स्थित अपने आवास के बाहर दिग्विजय सिंह ने “चंदा चोरों का प्रवेश वर्जित” लिखे पोस्टर भी लगाए। उन्होंने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और अन्य मामलों को लेकर सवाल उठाए।

महाकाल मंदिर क्षेत्र को लेकर भी उठाए सवाल

दिग्विजय सिंह ने उज्जैन के महाकाल मंदिर क्षेत्र में जमीन और वीआईपी दर्शन व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि उनकी पदयात्रा उज्जैन तीर्थ क्षेत्र और राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े कथित जमीन और आर्थिक अनियमितताओं के विरोध में होगी।

सोशल मीडिया से रहेंगे दूर

उन्होंने कहा कि पूरी पदयात्रा के दौरान वे सोशल मीडिया का उपयोग नहीं करेंगे। उनके इस ऐलान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि, उनके आरोपों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया आना अभी बाकी है।

 

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